भोपाल।राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय जिला समन्वयक उन्मुखीकरण कार्यशाला का रविवार को एकलव्य फाउंडेशन, भोपाल में सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आए जिला समन्वयकों ने सहभागिता की।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का राष्ट्रीय आयोजन राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा तथा मध्यप्रदेश में राज्य स्तरीय आयोजन एवं समन्वयन साइंस सेंटर (ग्वालियर), मध्यप्रदेश द्वारा किया जा रहा है।
समापन सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ लेखक, साहित्यकार एवं संपादक श्री श्रीराम माहेश्वरी ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एकलव्य फाउंडेशन, भोपाल के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं कोऑर्डिनेटर श्री मनोज निगम थे। विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. शेखर सरभाई ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का समन्वयन साइंस सेंटर (ग्वालियर), मध्यप्रदेश की सचिव एवं राज्य समन्वयक श्रीमती संध्या वर्मा द्वारा किया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री श्रीराम माहेश्वरी ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए उन्हें प्रश्न पूछने, स्थानीय समस्याओं को समझने और वैज्ञानिक विधि से उनके समाधान खोजने के अवसर दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल वैज्ञानिकों के विचारों को उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने से समाज के लिए उपयोगी नवाचार सामने आ सकते हैं।

मुख्य अतिथि श्री मनोज निगम ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर अपने परिवेश को समझने और वास्तविक समस्याओं पर शोध करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है। उन्होंने जिला समन्वयकों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक बच्चों, शिक्षकों और विद्यालयों को इस गतिविधि से जोड़ें।
विषय विशेषज्ञ डॉ. शेखर सरभाई ने परियोजना निर्माण में वैज्ञानिक पद्धति, समस्या की पहचान, परिकल्पना, आंकड़ों के व्यवस्थित संकलन, विश्लेषण तथा प्रमाण-आधारित निष्कर्षों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों की परियोजनाएं स्थानीय, व्यावहारिक, नवाचारी और समाजोपयोगी होनी चाहिए।
श्रीमती संध्या वर्मा ने कार्यशाला का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की पंजीयन प्रक्रिया, मुख्य विषय एवं उप-विषयों, परियोजना निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया, जिला स्तरीय गतिविधियों की कार्ययोजना तथा निष्पक्ष मूल्यांकन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने सभी जिला समन्वयकों से अपने-अपने जिलों में बाल वैज्ञानिकों और मार्गदर्शक शिक्षकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
समापन अवसर पर कार्यशाला में सहभागी सभी जिला समन्वयकों एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रतिभागियों ने अपने जिलों में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने तथा अधिक से अधिक बच्चों को वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार से जोड़ने का संकल्प लिया।
न्यूज सोर्स- संध्या वर्मा सचिव साइंस सेंटर ग्वालियर मप्र