दो साल बाद जागा एमपी आरडीसी, बालमपुर घाटी पर क्षतिग्रस्त रेलिंग बदलने का काम शुरू, वाहन चालकों को मिलेगी राहत
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 स्थित बालमपुर घाटी पर सड़क सुरक्षा को लेकर लंबे समय से बनी बड़ी समस्या का समाधान आखिरकार शुरू हो गया है। घाटी के दोनों ओर लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग, जो पिछले करीब दो वर्षों से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी थी, उसे बदलने का कार्य एमपी आरडीसी द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, करीब दो साल पहले एमपी आरडीसी ने बालमपुर घाटी पर वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए लोहे की रेलिंग लगाई थी। लेकिन इस दौरान घाटी पर लगातार हुई सड़क दुर्घटनाओं में कई स्थानों पर रेलिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। रेलिंग टूटने के कारण घाटी से गुजरने वाले वाहन चालकों को हर समय बड़े हादसे का डर बना रहता था। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने कई बार नई रेलिंग लगाने की मांग भी उठाई थी।

अब एमपी आरडीसी ने क्षतिग्रस्त रेलिंग को हटाकर नई लोहे की सुरक्षा रेलिंग लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। इससे घाटी से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
वाहन चालकों का कहना है कि बालमपुर घाटी हाईवे का संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है, तो मजबूत लोहे की रेलिंग वाहन को सीधे गहरी खाई में गिरने से रोक सकती है, जिससे गंभीर हादसों में कमी आएगी और लोगों की जान बच सकेगी।
स्थानीय नागरिकों ने एमपी आरडीसी से मांग की है कि रेलिंग लगाने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा हाईवे-18 पर बने गहरे गड्ढों की भी तत्काल मरम्मत कर सड़क को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए।