सी के पारे
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को अब दक्षिण भारतीय प्रसाद का स्वाद भी मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने मंगलवार से इडली, सांभर और पायसम को प्रसाद के रूप में परोसने की शुरुआत की है। मध्य प्रदेश में किसी प्रमुख मंदिर के अन्नक्षेत्र में पहली बार दक्षिण भारतीय प्रसाद को शामिल किया गया है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र की शुरुआत 5 सितंबर 2023 को हुई थी। इसके बाद से यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन प्रसाद उपलब्ध कराया जा रहा है। अब भोजन प्रसाद में विविधता लाने और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए दक्षिण भारतीय व्यंजनों को भी शामिल किया गया है।
सावन माह को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने फलाहार की विशेष व्यवस्था भी की है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित दिनों में फलाहारी प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को स्वच्छ, पौष्टिक और सात्विक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था लगातार बेहतर की जा रही है। दक्षिण भारतीय प्रसाद और फलाहार की शुरुआत से देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को उनकी पसंद के अनुरूप प्रसाद उपलब्ध हो सकेगा।