– सहजपुर के पास सड़क में धंसा डम्पर, आधे घंटे तक थमा यातायात
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
रायसेन से राहतगढ़ तक निर्माणाधीन 81 किलोमीटर लंबे टू-लेन सड़क निर्माण कार्य में लगातार बरती जा रही कथित लापरवाही अब राहगीरों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। कई अरब रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क पर आए दिन वाहन फंसने, पुलिया धंसने, सड़क टूटने, जाम लगने और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आ रही हैं। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और सुरक्षा इंतजामों की कमी से आम लोगों में भारी नाराजगी है।
रविवार सुबह गैरतगंज से पहले सहजपुर पेट्रोल पंप के पास एक भारी डम्पर निर्माणाधीन सड़क में धंस गया। डम्पर के फंसते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। बसों, निजी वाहनों, मालवाहक ट्रकों और दोपहिया चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में निर्माण कंपनी ने पोकलेन मशीन की मदद से डम्पर को बाहर निकाला, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान न तो पर्याप्त सुरक्षा संकेत लगाए गए हैं और न ही यातायात की समुचित व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर सड़क की सतह कमजोर है, जिससे भारी वाहन धंस रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं तथा यह मार्ग दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है।
नागरिकों का कहना है कि इस सड़क पर पहले भी अनेक सड़क हादसे हो चुके हैं और कई लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कंपनी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा। लोगों का आरोप है कि करोड़ों-अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेर में है।
रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में लगातार लगने वाले जाम, धंसती सड़कें और निर्माण संबंधी अव्यवस्थाएं यात्रियों, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
क्षेत्रवासियों ने मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एमपीआरडीसी एवं निर्माण कंपनी के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सड़क निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा करने, सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
जनता का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और बेहतर आवागमन उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि निर्माण कार्य ही लोगों के लिए खतरा बन जाए तो संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। अब समय आ गया है कि प्रशासन इस परियोजना की गंभीरता से समीक्षा कर जनता को राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।