सी के पारे रायसेन
आज पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में भारतीय वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं की रक्षा की और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए विजय प्राप्त की थी।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देशभर में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। लोगों ने तिरंगा लहराकर और देशभक्ति के कार्यक्रम आयोजित कर भारतीय सेना के पराक्रम को नमन किया। इस अवसर पर नागरिकों ने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान भी किया।
वक्ताओं ने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय सेना के जवानों ने विषम परिस्थितियों में भी अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए देश की आन-बान और शान की रक्षा की। उनके इस सर्वोच्च बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता।
“जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी” — इसी भावना के साथ देशवासियों ने कारगिल के अमर वीरों को शत-शत नमन करते हुए उनके बलिदान को स्मरण किया और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।