सागर। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक आचार्य श्री समयसागर महाराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण श्री अभयसागर महाराज ससंघ के वर्षायोग चातुर्मास (2026) का कलश स्थापना समारोह रविवार, 9 अगस्त को दोपहर 1 बजे से भाग्योदय तीर्थ में किया जाएगा।
मुकेश जैन ‘ढाना’ ने बताया कि निर्यापक मुनिसंघ के 7 मुनिराज 23 जुलाई से भाग्योदय तीर्थ में विराजमान हैं। संघ का वर्षायोग चातुर्मास 28 जुलाई से मुनि महाराज भक्तियां पढ़कर विधिवत प्रारंभ करेंगे जबकि कलश स्थापना समारोह 9 अगस्त को संपन्न होगा। पिछले कई वर्षों से भाग्योदय तीर्थ को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के संघस्थ मुनिसंघ के वर्षायोग चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त होता रहा है। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की पावन प्रेरणा एवं आशीर्वाद से यहां सर्वतोभद्र जिनालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। आगामी 4–5 वर्षों में इसके पूर्ण होने की संभावना है। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर यह विश्व का सबसे बड़ा जिनालय होगा, जिसकी ऊंचाई 216 फीट होगी तथा इसका निर्माण लगभग 11 लाख घनफुट लाल एवं पीले पत्थरों से किया जा रहा है। इस भव्य जिनालय में 324 जिन प्रतिमाएं विराजमान होंगी।
इसके अतिरिक्त, सर्वतोभद्र जिनालय के ठीक सामने पूर्व दिशा में सहस्त्रकूट जिनालय का निर्माण भी प्रगति पर है। पीले पत्थरों से निर्मित इस जिनालय में 1008 जिन प्रतिमाएं प्रतिष्ठित की जाएंगी, जो इसकी आध्यात्मिक एवं स्थापत्य भव्यता को और अधिक गौरव प्रदान करेंगी।
समिति ने श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी बंधुओं से 9 अगस्त को आयोजित कलश स्थापना समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।