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आजादी के 80 साल बाद भी आधा किलोमीटर सड़क को तरस रहा सेमरी टोला, दलदल से होकर स्कूल पहुंच रहे छात्र

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 मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

सांची विकासखंड की ग्राम पंचायत सरार के अंतर्गत आने वाले सेमरी टोला में आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीण सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहे हैं। गांव से मुख्य मार्ग तक करीब आधा किलोमीटर रास्ता नहीं होने से ग्रामीणों को बरसात के दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हालात इतने खराब हैं कि गांव के करीब 25 से 30 बच्चे छोटे-छोटे दलदल और कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।सेमरी टोला में प्राथमिक स्कूल का भवन बना हुआ है, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश के बाद कच्चा रास्ता जगह-जगह दलदल में तब्दील हो गया है। बच्चों को इसी रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। कई बार फिसलने और कपड़े व जूते खराब होने की स्थिति भी बनी रहती है।

15 अगस्त को तिरंगा यात्रा में बच्चों को कीचड़ में से होकर यात्रा निकालनी पड़ी जिससे  बच्चों के कपड़े गंदे हो गए। सेमरी टोला के निवासियों ने बताया कि हमने कई बार जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क की गुहार लगाइए लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहींहो सका है।

खुमान सिंह, महेश यादव, दीपक ठाकुर ,त्रिलोक सिंह, गोपाल आदि  ग्रामीणों का कहना है कि गांव में प्राथमिक स्कूल का भवन तो बना दिया गया, लेकिन स्कूल तक पहुंचने के लिए आवश्यक सड़क की व्यवस्था नहीं की गई। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। छोटे बच्चों के लिए दलदल भरे रास्ते से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।ग्रामीणों को भी आवागमन में परेशानीसड़क के अभाव में केवल स्कूली बच्चे ही नहीं, बल्कि गांव के अन्य ग्रामीण भी परेशान हैं। बारिश के दौरान दोपहिया वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सेमरी टोला तक करीब आधा किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित रास्ता मिल सके और ग्रामीणों को भी आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके। ग्रामीणों का सवाल है कि जब देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है, तब भी गांव के बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए दलदल से होकर गुजरना क्यों पड़ रहा है?

इनका कहना हे

हमने कई बार जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है लेकिन अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है जिस कारण देश को आजाद हुए 80 साल बीत जाने के बाद भी हम आज सड़क के लिए तरस रहे हैं। त्रिलोक सिंह स्थानीय निवासी सेमरी टोला सड़क तक जो मार्ग है वह निजी भूमि पर बना हुआ है। हमने कई बार कोशिश की मार्ग बनाने की लेकिन निजी भूमि के कारण उसकी मंजूरी नहीं हो सकी है।आगे हम और कोशिश करेंगे मार्ग बनाने के लिए।

नरेश चौधरी सरपंच सरार

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