– बालमपुर घाटी से मुक्तापुर तक दहशत
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने यात्रियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बीते तीन दिनों में बालमपुर घाटी, दीवानगंज और मुक्तापुर क्षेत्र में तीन बड़े सड़क हादसे सामने आए हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं और लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं के बाद क्षेत्रवासी हाईवे को “हादसों का हॉटस्पॉट” बताने लगे हैं।
चंद्रा गार्डन के समीप भूसे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक 14 चक्का ट्राले ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर के आगे के दोनों पहिए निकल गए और वाहन सड़क से नीचे उतर गया। भूसा हाईवे पर बिखर जाने से काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। गनीमत रही कि ट्रैक्टर चालक और क्लीनर सुरक्षित बच गए। हादसे के बाद ट्राला चालक वाहन लेकर फरार हो गया, लेकिन ट्रैक्टर चालक और क्लीनर ने पीछा कर बालमपुर घाटी के पास ट्राले को पकड़ लिया।
इससे पहले दीवानगंज पुरानी चौकी के सामने मोटरसाइकिल और बैटरी ऑटो की आमने-सामने भिड़ंत में ऑटो चालक राम सिंह लोधी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मोटरसाइकिल सवार मौके से फरार हो गया। घायल को एम्बुलेंस की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
वहीं रविवार रात मुक्तापुर स्थित वाटिका रेस्टोरेंट के सामने तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने जमकर कहर बरपाया। पहले उसने जन्मदिन समारोह में जा रहे युवकों की कार को टक्कर मारी, फिर बेकाबू होकर पार्किंग में खड़ी तीन अन्य कारों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि चार वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसों ने हाईवे-18 की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बालमपुर घाटी, दीवानगंज पुरानी चौकी, चंद्रा गार्डन और मुक्तापुर जैसे संवेदनशील स्थानों पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत हैं और न ही प्रभावी गति नियंत्रण की व्यवस्था।
क्षेत्रवासियों की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से हाईवे पर स्पीड कंट्रोल उपाय, रंबल स्ट्रिप, चेतावनी बोर्ड, पुलिस गश्त और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
लगातार तीन दिनों में तीन बड़े हादसों ने यह साफ कर दिया है कि भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।