ग्रामीणों ने लगाए नियम उल्लंघन के आरोप, आसपास के 25 गांवों में अवैध रूप से बिक रही किराना की दुकान पर
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज पर संचालित शराब दुकान को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे के समीप संचालित यह दुकान आबकारी नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों की भावना के विपरीत संचालित हो रही है। साथ ही गांव-गांव अवैध रूप से शराब सप्लाई किए जाने और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने के भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। शराब की दुकान सुबह 7 बजे खुल जाती है जो देर रात तक खुली रहती है कोई खोलना बंद करने का समय निर्धारित नहीं है। जबकि नियम अनुसार सुबह 8:30 बजे से लेकर 11:30 तक का समय निर्धारित है।
ग्रामीणों के अनुसार दीवानगंज, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, गीदगढ़, सत्ती, बसिया, भंवरखेड़ी, हिनोतिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार सहित करीब 25 गांवों में सफेद रंग की बोलेरो वाहन के माध्यम से किराना दुकानों तक शराब पहुंचाई जा रही है। आरोप है कि इसके बाद इन दुकानों से अवैध रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, जिससे कम उम्र के किशोरों तक शराब की पहुंच बढ़ रही है और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा शराब दुकानों से जुड़े अहातों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन दीवानगंज स्थित दुकान के समीप खुलेआम बैठकर शराब सेवन कराया जा रहा है। इससे हाईवे पर आने-जाने वाले लोगों और स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेट लिस्ट नहीं, अधिक कीमत वसूली का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नए ठेकेदार को दुकान का संचालन संभाले दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक दुकान पर शराब की अधिकृत रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई है। ग्राहकों से शराब और बीयर की बोतलों पर निर्धारित मूल्य से 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार पंकज उपाध्याय एवं इंदू इंटरप्राइजेज द्वारा शराब दुकान का संचालन नियमों के विपरीत किया जा रहा है, बावजूद इसके आबकारी विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर शराब दुकान की वैधता, रेट सूची, अवैध सप्लाई और कथित अहाते के संचालन की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।