13 दिनों में 6 बड़ी दुर्घटनाएं, 1 साल में 35 किलोमीटर मार्ग पर 180 दुर्घटनाओं में 200 घायल तो 40 की मौत
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर स्थित बालमपुर घाटी एक बार फिर सड़क हादसे का गवाह बनी। बालमपुर घाटी के ऊपर एक अज्ञात ट्रक ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार देवेंद्र दास बैरागी (35 वर्ष) पिता निर्भय दास बैरागी, निवासी बालमपुर, अपनी बाइक से भोपाल से अपने घर बालमपुर आ रहे थे इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि देवेंद्र सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जांच में उनके पैर में दो फ्रैक्चर होने के साथ हाथ, सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें पाई गईं। उनका उपचार जारी है।
13 दिनों में 6 बड़े हादसे, लोगों में दहशत
बालमपुर घाटी से लेकर दीवानगंज तक करीब 5 किलोमीटर के मार्ग पर पिछले 13 दिनों में 6 बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में कई लोग घायल हुए हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भय और आक्रोश का माहौल है।
कुछ ही दिन पहले ही मंगलवारा भोपाल निवासी राज वंशकार और बालमपुर देहरी निवासी दिनेश सेन प्रजापति की बालमपुर घाटी पर दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों, भारी ट्रकों की आवाजाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और पुलिस द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
दो दिन पहले भी पलटी थी बोलेरो पिकअप
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही बालमपुर घाटी और चंद्रा गार्डन के सामने दो बोलेरो पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई थी, जिसमें दो लोग घायल हुए थे। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने इस पूरे मार्ग को हादसों का ब्लैक स्पॉट बना दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग
क्षेत्र के ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से बालमपुर घाटी से दीवानगंज तक के मार्ग पर स्पीड नियंत्रण, चेतावनी संकेतक, पुलिस गश्त और सड़क सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1 साल के अंदर ही 180 से ज्यादा दुर्घटना हो चुकी है जिसमें अभी तक 40 व्यक्ति की मौत हो चुकी है तो 200 से ज्यादा घायल हो चुके हैं।