मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज गांव में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार तड़के आवारा कुत्तों के झुंड द्वारा हमला कर गंभीर रूप से घायल की गई तीन माह की पडिया ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार भवानी चौक निवासी किशोरी लाल साहू के घर के पीछे तीन माह की पडिया रस्सी से बंधी हुई थी। मंगलवार सुबह करीब 5 से 6 आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने पडिया को बुरी तरह नोच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। ग्रामीणों की मदद से कुत्तों को भगाया गया और घायल पडिया का उपचार कराया गया, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। मंगलवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ये कुत्ते अब पशुओं के साथ-साथ लोगों पर भी हमला करने लगे हैं। पहले भी कई मवेशी और राहगीर इनके हमलों का शिकार हो चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके नियंत्रण के लिए अभियान नहीं चलाया गया तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने पंचायत और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर गांव को आवारा कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने की मांग की है।