देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
सांची की पहचान यहाँ स्थित ढाई हजार साल प्राचीन पुरासंपदा से होती हैं जहाँ विश्व भर से हजारों की संख्या में देशी विदेशी पर्यटकों का आने जाने का सिलसिला चलता रहता है परन्तु इन दिनों नगर में पड रही भयावह गर्मी ने पर्यटकों पर भी प्रभाव डाल दिया है जिससे संख्या काफी गिर चुकी हैं
जानकारी के अनुसार इस स्थल की पहचान यहां स्थित ढाई हजार साल प्राचीन पुरासंपदा से होती है इस स्थल पर बौद्ध स्मारक जिसमें प्राचीन सभ्यता के दर्शन मिलते है तथा यही ऐतिहासिक अनमोल धरोहर को सहेजने पुरातत्व संग्रहालय जिससे भगवान बुद्ध अथवा सम्राट अशोक के समकालीन विभिन्न धातुओं को सुरक्षित किया गया है इसके साथ ही संग्रहालय परिसर में वह स्थान जिससे मार्शल हाऊस का नाम दिया गया इस हाऊस से ही इस स्थान पर बिखरी पड़ी पुरासंपदा को अपने मूलरूप मे लाया गया तथा बिखरी पड़ी पुरासंपदा को एकत्रित कर संरक्षित एवं सुरक्षित किया गया था आज वह हाऊस स्वयं दर्शनीय बन गया है इस स्थल पर साल भर हजारों की संख्या में देशी विदेशी पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है तथा खासी पर्यटकों की भीड़ दिखाई देती हैं परन्तु इन दिनों इस स्थल पर लगातार बढते तापमान के कारण पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई हैं तथा पुरातत्व परिसर में सन्नाटा पसरा दिखाई देता है इससे पर्यटकों को स्तूप परिसर तक लाने ले जाने वाले छोटे मोटे वाहनों के धंधे भी चौपट हो चुके है इसके साथ ही छोट मोटै व्यवसायी जो विभिन्न खाद्य पदार्थ सहित अन्य वस्तुओं को बेचकर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी चलाने वालों पर भी काफी प्रभाव पड गया है जिससे इन दिनों गर्मी में उनके सामने भी अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल भरा हो चुका है परन्तु तापमान कम होने का नाम ही नहीं ले पा रहा है आज भी छोट मोटै व्यवसायी तापमान कम होने तथा पर्यटकों की संख्या बढने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है जिससे उनके रोजगार पटरी पर लौट सके ।