– बालगृह में निवासरत सभी बालक अभावग्रस्त परिस्थितियों से निकलकर आए हैं
– शिक्षा से उनका कोई जुड़ाव नही रहा, किंतु संस्था में निवासरत ऐसे सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की व्यवस्था की
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
प्रतिभा हर बच्चे में छुपी होती है, बस उसे तराशने की जरूरत होती है। अनुकूल वातावरण और उचित मार्गदर्शन मिले तो हर बच्चा ऊंचाइयों को छू लेगा। मंगलम शिवपुरी द्वारा संचालित वात्सल्य बालगृह में निवासरत सभी बालक अभावग्रस्त परिस्थितियों से निकलकर आए हैं। शिक्षा से उनका कोई जुड़ाव नही रहा। किंतु संस्था में निवासरत ऐसे सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की व्यवस्था इस संस्था ने की जिनके पास परिवार का वात्सल्य भाव और संरक्षण उपलब्ध नही होता है।
मंगलम बालगृह में निवासरत बच्चों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी समाजसेवी और मंगलम की सदस्य श्रीमती रेणु सांखला ने ली। विगत दो वर्षों से श्रीमती सांखला और संस्था ने निरंतर बच्चो को निःस्वार्थ भाव से शिक्षित करने के साथ पारिवारिक वातावरण सुनिश्चित करने का काम किया । बच्चों को खेल खेल में शिक्षा से जोड़ने के उनके प्रयासों तथा वात्सल्य भाव के चलते संस्था के तीन बच्चों ने हाईस्कूल परीक्षा के साथ अन्य परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि मंगलम बालगृह के बच्चों को उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए शहर के अलग अलग निजी औऱ सरकारी स्कूलों में भर्ती कराया गया है।
हेप्पीडेज स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ने वाले आयुष को प्राइमरी सेक्शन (कक्षा 1 से 5 तक) में ओवर ऑल एक्टिविटी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया। वही उसी स्कूल में कक्षा 3 में पढ़ने वाले अरविंद ने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कक्षा 3 में सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने वाले रिशु ने अपनी कक्षा में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। तीनों बच्चों को विद्यालय प्रवंधन द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड भेंट कर सम्मानित किया गया है। हाईस्कूल की परीक्षा में संस्था के छात्र विकासपुरी गोस्वामी ने 83 फीसदी अंक अर्जित कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। यह बालगृह महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन मंगलम द्वारा वर्ष 2023 से सन्चालित है।