कानूनी जागरूकता, लैंगिक समानता व्यक्तित्व विकास के साथ सीखेंगें आत्मरक्षा की कला सीखेंगें अभाव हीन बस्तियों के 100 बच्चे,
मंडीदीप में ‘सृजन’ से 100 बच्चों को मिलेगी आत्मरक्षा की ताकत, कानूनी जागरूकता और नेतृत्व का प्रशिक्षण
मंडीदीप रायसेन। औद्योगिक क्षेत्र की अभावग्रस्त बस्तियों के 100 बच्चों को आत्मरक्षा, लैंगिक समानता, कानूनी जागरूकता और व्यक्तित्व विकास की ट्रेनिंग देने वाला अनोखा 18 दिवसीय कार्यक्रम ‘सृजन – एक पहल शक्ति से सुरक्षा की ओर’ शुक्रवार को जोरदार शुभारंभ हुआ।
एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज (एएआईएम) के सभागार में दोपहर 3 बजे शुरू इस मुहिम को मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीकी सहायता से पुलिस, नेटलिंक फाउंडेशन एवं कृषक सहयोग संस्थान ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।कार्यक्रम का उद्घाटन एसडीओपी औबेदुल्लागंज शीला सुराणा के मार्गदर्शन में हुआ।

एडीजी विनीत कपूर ने फोन पर संबोधित करते हुए कहा, “यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करेगी। पुलिस-समुदाय के बीच विश्वास मजबूत करने का यह सुनहरा कदम है।” एसडीओपी सुराणा ने जोर देकर कहा कि यह ट्रेनिंग न केवल बालिकाओं, बल्कि बालकों को भी परिवार व स्वयं को सुरक्षित रखने में सक्षम बनाएगी।

एएआईएम अध्यक्ष विकास मुंदड़ा, नेटलिंक अध्यक्ष सोनल श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, सचिव नीरज जैन और कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉ. एच.बी. सेन ने संबोधन में इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ‘सृजन’ जैसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाकर युवाओं को सही दिशा देंगे।प्रत्येक दिन सेल्फ डिफेंस की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के साथ मोटिवेशनल सेशन चलेंगे। प्रतिभागी सुरक्षा टिप्स, कानूनी अधिकार, नेतृत्व कौशल, नैतिक मूल्य और सामाजिक व्यवहार सीखेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रमाण-पत्र मिलेंगे, जो उनके व्यक्तित्व को नई उड़ान देगा।

उद्घाटन में एसीपी चुना भट्टी, आलोक श्रीवास्तव, टीआई रंजीत सराठे, प्रशिक्षक विनोद राठौर, संगीता लोवंशी, अमिता डेहरिया, सुनीता गौर, राजकुमार साहू, नितिन सेन, शिवनारायण सराठे समेत बड़ी संख्या में गणमान्यजन और उत्साही किशोर-किशोरियां मौजूद रहीं। आयोजकों का मानना है कि यह मुहिम सामुदायिक पुलिसिंग को नई ऊंचाई देगी, युवाओं को सशक्त बनाएगी और पुलिस-समाज समन्वय को मजबूत करेगी।