कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू हो सकती है नई व्यवस्था, किसानों को मिलेगा ज्यादा समय
सी के पारे
भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों को बड़ी राहत देने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार सहकारी समितियों से लिए जाने वाले अल्पकालिक फसल ऋण की व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार किसानों को खरीफ और रवि फसलों के लिए लिया गया ऋण साल में दो बार के बजाय एक बार चुकाने की सुविधा दी जा सकती है।
वर्तमान व्यवस्था में किसानों को खरीफ और रवि सीजन के लिए लिया गया ऋण अलग-अलग समय पर चुकाना पड़ता है। कई बार फसल की बिक्री समय पर नहीं होने के कारण किसानों को राशि जुटाने में कठिनाई होती है और वे डिफॉल्टर बनने की स्थिति में पहुंच जाते हैं।
इसी समस्या को देखते हुए नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है, जिससे किसानों को ऋण चुकाने के लिए अधिक समय मिल सके। सामान्यतः जून तक रवि सीजन की अधिकांश उपज बिक जाती है, इसलिए उसी अवधि में ऋण जमा करने की समय-सीमा तय करने का प्रस्ताव सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार विभागीय स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर सहमति बन चुकी है और इसे जल्द ही कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जा सकता है। नई व्यवस्था कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद ही लागू होगी।

सहकारिता विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि ऋण चुकाने की तिथि में बदलाव किया जाता है तो तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर भी विचार करना होगा। समितियों की पूरी प्रणाली कंप्यूटरीकृत है, जिसमें ड्यू डेट और ब्याज की गणना सिस्टम के आधार पर होती है। तिथि बढ़ाने पर ब्याज अनुदान और वित्तीय भार से जुड़े मुद्दों पर भी निर्णय लेना होगा।
फिलहाल सरकार इस प्रस्ताव पर मंथन कर रही है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिल सकती है और उन्हें ऋण चुकाने के लिए अधिक समय मिलेगा।
मध्य प्रदेश में किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत, फसल ऋण व्यवस्था में बदलाव की तैयारी,किसानों को राहत देने की तैयारी, साल में एक बार ऋण चुकाने का प्रस्ताव
फसल ऋण नियम बदल सकते हैं, कैबिनेट में जा सकता है प्रस्ताव,दो बार की जगह एक बार ऋण भुगतान की तैयारी, किसानों को मिल सकता है फायदा,मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा प्लान: फसल ऋण भुगतान व्यवस्था में बदलाव संभव