रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
मध्य प्रदेश सरकार जहां शासकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए लगातार प्रयासरत है! वहीं दूसरी ओर कुछ लापरवाह शिक्षक इन प्रयासों को पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला सिमरोदा स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का है! जहां स्कूल समय के दौरान ही विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। स्कूल परिसर में न तो शिक्षक मौजूद थे! और न ही बच्चे दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, इस विद्यालय में करीब 100 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन मौके पर स्कूल बंद मिला। यह स्थिति न केवल शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है! बल्कि यह भी दर्शाती है! कि बच्चों के भविष्य के साथ किस प्रकार खिलवाड़ किया जा रहा है।

दोपहर 1:30 बजे ही बंद कर दिया गया स्कूल
जब इस संबंध में संबंधित अधिकारी से जानकारी ली गई! तो उन्होंने बताया कि एक शिक्षिका विद्यालय पहुंची थीं! लेकिन दोपहर लगभग 1:30 बजे ही स्कूल बंद कर दिया गया। ऐसे में सवाल यह उठता है! कि यदि विद्यालय का निर्धारित समय पूरा नहीं हुआ था! तो आखिर स्कूल समय से पहले क्यों बंद किया गया!और यदि एक शिक्षक मौजूद थे!तो अन्य शिक्षक कहां थे!

स्थानीय रहवासियों ने खोली लापरवाही की परतें
स्थानीय रहवासियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि विद्यालय में इस तरह की लापरवाही कोई नई बात नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां अक्सर एक शिक्षक आता है! तो दूसरा अनुपस्थित रहता है! फिर दूसरे दिन दूसरा आता है! तो पहला छुट्टी पर रहता है। बारी-बारी से अनुपस्थित रहने का यह क्रम लंबे समय से जारी है!जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
गांव के लोगों का कहना है! कि शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति और मनमानी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सरकार द्वारा शिक्षा सुधार, छात्र उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए चलाई जा रही योजनाएं तब बेअसर साबित होती हैं!जब स्कूलों में शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लें।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है! कि सिमरोदा स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति, समय पालन और शिक्षण व्यवस्था की जांच कराई जाए!तथा दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो।

सबसे बड़ा सवाल
जब शासकीय स्कूलों में शिक्षक ही समय पर नहीं पहुंचेंगे और स्कूल समय से पहले बंद होंगे, तो आखिर बच्चों का भविष्य कैसे संवर पाएगा!
इनका कहना है
आपके द्वारा जानकारी दी है! कि शासकीय प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला बंद मिली संबंधित शिक्षकों को नोटिस जारी कर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी!किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी!
संतोष दुबे संकुल प्रभारी चिकलोद कला