जबसे बना सिक्स लाइन तभी से हो रहे भारी हादसे
सुरेन्द्र जैन धरसीवा
एनएच के इंजीनियरों की अदूरदर्शिता से बेतरतीब ढंग से बना सिक्स लाइन मौत की लाइन बन गया है बुधबार गुरुवार की दरम्यानी रात इस मौत की सिक्स लाइन ने फिर बुजुर्ग माता पिता का बुढापे का सहारा छीन लिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मृतक जीतेन्द्र मुजफ्फरपुर बिहार का निवासी था जो ठेकेदार के अधीन फेक्ट्री में काम करता था फेक्ट्री से चरोदा होते हुए वापस घर जा रहा था तभी मीनू ढाबा के सामने एक ट्रक ने उसकी वाइक को टक्कर मारी ओर जितेंद्र का सिर हेडलाइट से टकराया जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई। बीते चार पांच दिन के भीतर ही धरसीवा सिलतरा क्षेत्र में सड़क हादसों में करीब आधा दर्जन दुपहिया सवार अपनी जान गंवा चुके हैं।

न अंडरब्रिज न सिक्स लाइन पर चढ़ने उतरने बनाया मार्ग
इसे इंजीनियरों की अदूरदर्शिता कहें या मनमानी कहें जो भी कहें सिक्स लाइन बनने के बाद से तेजी से बढ़ी दुर्घटनाएं उन्ही की देन हैं क्योकि सबकुछ जानते हुए और ग्रामीणों द्वारा जनसुनवाई में निर्माण के पूर्व मांग करने के बाबजूद सबसे व्यस्त रहने वाले इस सिक्स लाइन पर अति आवश्यक होने के बाबजूद सांकरा चोक सिलतरा पुराना चोक चरोदा वायपास पर न अंडरब्रिज बनाये गए न ही दोनो तरफ से कहीं भी सिक्स लाइन पर चढ़ने उतरने की व्यवस्था दी गई जिसके दुष्परिणाम आये दिन सडक़ हादसों में दुपहिया सवारों की मौत के रूप में सामने आ रहे हैं।
सांकरा से सिलतरा चरोदा वायपास तक हाइवे के पूर्व दिशा और पश्चिम दिशा यानी दोनो तरफ गांव और गांव से लगी बड़ी संख्या में ओधोगिक इकाइयां हैं
धरसीवा से चोरदा होते रायपुर की तरफ जाने के लिए सिक्स लाइन ऊपर से ही पार करना पड़ता है जबकि यहां अंडरब्रिज देना था और दोनो तरफ से सिक्स लाइन पर उतरने चढ़ने मार्ग बनाना था लेकिन ऐंसा नहीं किया जिससे यहां अक्सर सिक्स लाइन पार करते समय हादसे होते हैं
वायपास पर पेट्रोल पंप के सामने अंडर ब्रिज न होने से ओधोगिक इकाइयों में काम करने वाले अधिकांश दुपहिया वाहन चालक ओर पैदल जाने वाले मजदूर दुर्घटनाओं से बचने सड़क पार करने के बजाय रांग साइड से चलना पसन्द करते है लेकिन उसमे भी वह दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते है जिन्हें फेस टू की फेक्ट्रियो में जाना होता है वह इसलिए भी चरोदा वायपास के बाद सिक्स लाइन पर रांग साइड चलते है क्योकि सिलतरा पुराना चोक में भी सड़क पार करने अंडरब्रिज नहीं बना इसलिए एक दो दो बार व्यस्त सिक्स लाइन को पार करने के खतरे से बचने अधिकांश लोग सिलतरा फेस टू तक सिक्स लाइन पर रांग साइड चलते है और उसमे भी दुर्घटना का शिकार हो जाते है
ठीक इसी तरह सिलतरा पुराना चोक में अंडरब्रिज न बनाने से मुरेठी सोण्डरा के स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में उधोगो में काम करने वाले मजदूर जान हथेली पर लेकर इस व्यस्त सिक्स लाइन को पार करते हैं
सांकरा चोक में भी अंडरब्रिज न बनाने और सिक्स लाइन पर वाहनों के चढ़ने उतरने की व्यवस्था न देने से सांकरा सोण्डरा निमोरा चीखली कुम्हारी आदि गांवो से जायसवाल निको एवं फेस वन की अन्य फेक्ट्रियो में काम करने वाले श्रमिक जान हथेली पर रखकर सिक्स लाइन पार करते हैं रायपुर की तरफ जाने वाले वाहन चालको को भी सांकरा के अंतिम छोर से जान हथेली पर रखकर सड़क पार करना पड़ता है और बिलासपुर की तरफ से आने वालों को भी सिक्स लाइन से पहले गांव के अंतिम छोर तक जाना पड़ता है तब वहां से जान हथेली पर रखकर सिक्स लाइन पार कर यूटर्न लेकर सर्विस रोड पकड़कर उल्टा वापस आना पड़ता है
इस तरह इंजीनियरों की अदूरदर्शिता से बेतरतीब ढंग से बना सिक्स लाइन मौत की लाइन बनकर रह गया है जबकि सिक्स लाइन जब नहीं बना था तब सिंगल रोड पर कभी कभार ही कोई घटना होती थी उसमें भी बहुत कम ऐंसा होता था जिसमे किसी की जान जाती हो लेकिन सिक्स लाइन बनने के बाद आये दिन मौत हो रही हैं।