भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ श्री रुद्र महायज्ञ की होगी शुरुआत
सी एल गौर रायसेन
जिला मुख्यालय रायसेन से 18 किलोमीटर दूर चिकलोद मार्ग से पश्चिम दिशा में वन क्षेत्र तपोभूमि सगर झिरी आश्रम पर प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी श्री श्री 1008 परम पूज्य संत शंकारानंद महाराज के आश्रम में श्री रुद्र महायज्ञ का विशाल आयोजन किया जाएगा,जिसके लिए भक्तों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। उक्त रुद्र महायज्ञ में रायसेन, विदिशा, सीहोर, भोपाल, एवं नर्मदा पुरम क्षेत्र के भक्तों द्वारा सहयोग किया जा रहा है। क्षेत्र में रुद्र महायज्ञ के आयोजन को लेकर सनातन धर्म प्रेमियों में भी उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है । सगरझिरी एक ऐसा आश्रम और तपोभूमि है जहां पिछले कई वर्षों से परम परमपूज्य बापौली वाले महाराज जी के परम शिष्य श्री शंकारानंद जी महाराज जो की कई वर्षों से अखंड तपस्या करते हुए निरंतर भगवान की सेवा में रहकर जनकल्याण के लिए यहां तपस्यारत है, यहां 12 महीने दूर दराज क्षेत्र से भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। एक प्रकार से सगर झिरी आश्रम एक सिद्ध स्थल बन गया है जहां पहुंचने वाले भक्तों को अलग ही अध्यात्म का और भगवान की शक्ति का एहसास होता है। सच्चे मन से अगर यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना लेकर पहुंचता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। इस पावन अवसर पर पंडित अतुल शास्त्री जी महाराज द्वारा कथा का संगीतमय वाचन किया जाएगा वहीं आश्रम पर संपन्न होने वाले श्री रुद्र महायज्ञ में वाराणसी से पधारे पंडित भोलानाथ जी महाराज द्वारा महायज्ञ संपन्न कराया जाएगा। सगर झिरी आश्रम आयोजन समिति से जुड़े समस्त भक्तों ने सनातन धर्म प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में सगरझिरी पहुंचकर आयोजित होने वाले पुनीत कार्यक्रम को सफल बनाने एवं धर्म से लाभ उठाने की अपील की है।