सत्यवन गोस्वामी सुल्तानगंज रायसेन
रायसेन जिले के सुल्तानगंज से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। करीब 10 साल पहले 15 लाख रुपये की लागत से बनाया गया सुलभ शौचालय आज तक आम लोगों के काम नहीं आ सका। बस स्टैंड चौराहे पर बना यह शौचालय वर्षों से बंद पड़ा था। गुरुवार को ग्रामीणों का सब्र टूटा और वे ग्राम पंचायत पहुंच गए। ग्रामीणों के दबाव के बाद ताला तो खोल दिया गया, लेकिन अंदर की जर्जर हालत ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी।
सुल्तानगंज बस स्टैंड चौराहे पर करीब एक दशक पहले तत्कालीन सांसद स्वर्गीय सुषमा स्वराज की सांसद निधि से लगभग 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। मकसद था कि बस स्टैंड पर आने-जाने वाले यात्रियों और आम लोगों को शौचालय की सुविधा मिल सके। ग्राम पंचायत ने निर्माण कराया, लेकिन सुविधा शुरू होने से पहले ही यह इमारत सरकारी उदासीनता की भेंट चढ़ गई।
करीब 10 साल से बंद पड़े इस शौचालय को लेकर गुरुवार दोपहर ग्रामीण एकजुट होकर ग्राम पंचायत पहुंच गए। ग्रामीणों ने शौचालय का ताला खोलने की मांग करते हुए जिम्मेदारों से सवाल किए। ग्रामीणों के दबाव के बाद पंचायत ने ताला तो खोल दिया, लेकिन जर्जर हालत देखकर साफ हो गया कि 15 लाख रुपये की यह सुविधा आज भी उपयोग के लायक नहीं है।
वहीं सरपंच प्रतिनिधि दरयाव सिंह ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत एजेंसी ने सुलभ शौचालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया, जिसके चलते यह आज तक संचालित नहीं हो पाया।
मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत के अधिकारी भी सक्रिय हुए हैं। जनपद सीईओ मोगराज मीणा मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि एक महीने के भीतर सुलभ शौचालय को सुचारू रूप से संचालित कराया जाएगा।