नर्मदापुरम । रिश्वतखोरी में पकड़े गए कृषि उपसंचालक जयराम हेड़ाऊ को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया हे। हेडाऊ पर एक व्यापारी लाइसेंस बहाल करने के लिए एक लाख रुपए मांगने का आरोप हे।वह चालीस हजार रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे।
व्यापारी से मांगे थे 1 लाख रुपए
नर्मदापुरम में 40 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए कृषि विकास के उपसंचालक डिप्टी डायरेक्टर जय राम हेडाऊ को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है निलंबन का आदेश कृषि मंत्रालय के अधिकारी अवनीश मिश्रा ने जारी किया है।
आदेश में बताया गया है कि लोकायुक्त संगठन ने जय राम हेडाऊ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है निलंबित अवधि के दौरान जय राम हेडाऊ का मुख्यालय संयुक्त संचालक किसान कल्याण कृषि विकास कार्यालय शहडोल संभाग तय किया गया है इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा बता दें कि 8 दिसंबर को यह कार्रवाई की गई थी लाइसेंस बहाल करने के बदले में 1लाख की रिश्वत मांगी गई थी शिकायतकर्ता राजनारायण गुप्ता जो कृषि विकास से सेवानिवृत हैं उन्होंने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी जिस पर यह कार्रवाई की गईथी।