खजुराहो अन्तर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन सांस्कृतिक रंग, सम्मान और सिने संवाद की भव्य झलक देखने को मिली
खजुराहो से सुनील सोन्हिया की रिपोर्ट
खजुराहो अन्तर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन कला, संस्कृति और सिनेमा का अद्भुत संगम देखने को मिला। दिनभर चले विविध कार्यक्रमों ने दर्शकों और फिल्मप्रेमियों को लोक-संस्कृति से लेकर समकालीन सिनेमा तक की समृद्ध यात्रा कराई।
दिन की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई, जिसमें पंडवानी गायन, नृत्य, बुंदेली लोकगीत, फोक डांस और बॉलीवुड डांस की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने क्षेत्रीय लोक परंपराओं की जीवंतता को मंच पर साकार किया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष आकर्षण के रूप में अभिनेता-गायक वेद थापर ने अपने सुमधुर गीतों से समां बांधा, जिसे श्रोताओं ने भरपूर सराहा।

इस अवसर पर साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुबोध सिन्हा (साहित्यकार), गौरव शर्मा एवं अभिनेता वेद थापर को सिने गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह रचनात्मक योगदान को मान्यता देने का सशक्त मंच बना।
फेस्टिवल के शैक्षणिक पक्ष को सशक्त करते हुए मास्टर क्लास का आयोजन किया गया, जिसमें अभिनेत्री दीप शिखा नागपाल ने विद्यार्थियों और उभरते कलाकारों को अभिनय की बारीकियाँ सिखाईं। उन्होंने चरित्र निर्माण, भाव-प्रस्तुति, संवाद अदायगी और कैमरे के सामने आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्यावहारिक सुझाव दिए, जिससे प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष सीख मिली।

इसके साथ ही इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (IFFI) के जूरी सदस्यों द्वारा एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार का उद्देश्य खजुराहो फ़िल्म फेस्टिवल को उत्कृष्टता के शिखर तक पहुँचाने के लिए विचार-विमर्श करना था। सभी जूरी सदस्यों ने अपने-अपने सारगर्भित विचार साझा किए और भारतीय सिनेमा के वैश्विक परिदृश्य में फेस्टिवल की भूमिका पर प्रकाश डाला।
तीसरे दिन की स्क्रीनिंग में रीजनल टपरा टॉकीज़ में कुल 16 लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया। विविध विषयों और सशक्त कथ्य वाली इन फ़िल्मों को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
कुल मिलाकर, खजुराहो अन्तर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल का तीसरा दिन सांस्कृतिक समृद्धि, सृजनात्मक संवाद और सिनेमा के उत्सव के रूप में यादगार रहा, जिसने फेस्टिवल की गरिमा और प्रभाव को और सुदृढ़ किया।