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श्रद्धा के साथ मनाई शीतलाष्टमी, मंदिर और होली स्थल पर की पूजा, मंदिरों में श्रद्धालुओं की रही भीड़

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मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन 

दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, करैया, गिदगढ़, सत्ती, टोला, बसिया, भंवर खेड़ी, हिनोतिया, टापरा आदि गांवों की महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ शीतलाष्टमी का पर्व मनाया। सुबह से ही महिलाएं मंदिरों में पहुंची और शीतला माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य की कामना की।
मंदिर में पूजा करने के बाद महिलाएं अपने-अपने घर लौटीं, जहां उन्होंने घर में भी पूजा-अर्चना की और परंपरा के अनुसार बाटी सहित ठंडे भोजन का भोग शीतला माता को लगाया। शीतलाष्टमी पर एक दिन पहले बने भोजन को ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा निभाई जाती है। मंदिरों में सुबह-सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और माता शीतला की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा रोगों से रक्षा की कामना की। श्रद्धालुओं ने बताया कि शीतला अष्टमी को विशेष रूप से रोगों से मुक्ति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। शीतला माता मंदिर में ठंडे पकवानों का भोग लगाने के लिए अल सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह करीब दस बजे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर में बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ उमड़ी, जिससे मेले जैसा मनमोहक दृश्य देखने को मिला। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता और एक दिन पहले बनाए गए ठंडे भोजन का भोग माता शीतला को लगाया जाता है। श्रद्धालु सुबह स्नान कर मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा करते हैं। कई स्थानों पर महिलाएं परिवार की खुशहाली और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए व्रत भी रखती हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं ने माता को ठंडा भोजन, दही, मीठे पकवान और हलवा-पूरी का भोग अर्पित किया। मान्यता है कि माता शीतला की कृपा से परिवार रोग-व्याधियों से सुरक्षित रहता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
इसके अलावा महिलाओं ने गांव में होली दहन स्थल पर भी पहुंचकर पूजा-अर्चना की और वहां दीप जलाकर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
ग्रामीण क्षेत्रों में शीतलाष्टमी का पर्व विशेष आस्था के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन शीतला माता की पूजा करने से परिवार को रोग-व्याधियों से रक्षा मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। पूजा के दौरान गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं और पूरे गांव में धार्मिक माहौल बना रहा।

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