सुरेंद्र जैन भोपाल
अवधपुरी में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के चतुर्थ दिवस श्री गणधर वलय विधान के 64 ऋद्धि मंत्रों से युक्त मंत्र मुनि श्री के मुखारविंद से समर्पित किये गये प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया प्रातःकालीन वेला में “शरदपूर्णिमा” के विशेष अवसर पर 55 मिनट की विशेष शांतिधारा भगवान के श्री मस्तक पर की गई।इस अवसर विशेष रुप से मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने जैन श्रावक के रूप में भाग लिया।

इसी के साथ विदिशा से समग्र पाठशालाओं से लगभग 120 बच्चे एवं शिक्षक तथा शिक्षिकायें भी पहुंचे तथा मुनि श्री से आशीर्वाद लिया तत्पश्चात संपूर्ण भोपाल नगर में वाहनों के माध्यम से धर्म की प्रभावना करते हुये “विद्योदय” के कार्यकर्ता विधान के मध्य मुनि श्री का आशीर्वाद लैने पहुंचे उनको सम्वोधित करते हुये मुनि श्री ने कहा कि गुरुदेव के पक्के अनुयायी बनो हृदय में गुरुभक्ति तथा आचरण में गुरु केआदर्श दिखना चाहिये” उन्होंने कहा कि “गुरुदेव” ने कभी भौतिक और सांसारिक जन्मदिन को मनाने के लिये प्रोत्साहित नहीं किया उन्होंने हमेशा दीक्षा दिवस मनाने की प्रेरणा दी क्योंकि एक मुनि का जन्म ही दीक्षा के उपरांत होता है,इसलिये में भी कभी सांसारिक जन्म दिवस मनाने को प्रोत्साहित नहीं करता,आप लोगों ने इस बहाने गुरुदेव को याद किया तो उसमें कोई हांनी नहीं है, गुरुदेव ने जो आदर्श और प्रेरणा हम लोगों को दी वह विचार,औरउनके मार्गदर्शन को जन जन में फैलाऐं तथा उनकेआचरण कोअपने जीवन में साकार करें। उन्होंने “विद्योदय” का अर्थ बताते हुये कहा कि विद्या का उदय अर्थात आप सभी के जीवन में “विद्या का प्रकाश फैले” और इसी प्रकार आप सभी गुरु की भक्ती करते रहें के लिये आशीर्वाद प्रदान किया।

इस अवसर पर मुनि श्री संधानसागर महाराज सहित समस्त क्षुल्लक मंचासीन थे कार्यक्रम का संचालन बाल ब्र.अशोक भैया, ब्र.अभय भैया, सहायकअमित बास्तु,ने किया इस अवसर पर विद्याप्रमाण गुरुकुलम् टीम सहित दि. जैन पंचायत भोपाल के समस्त पदाधिकारी उपस्थित थे।