– नियमित योग से शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास संभव : डॉ. स्वर्णकार
भोपाल। प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान, भोपाल में बुधवार को पाँच दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का आयोजन बीएड एवं एमएड में अध्ययनरत छात्राध्यापकों तथा संस्थान के शिक्षकों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है। यह शिविर आगामी पाँच दिनों तक नियमित रूप से संचालित होगा।
शिविर के शुभारंभ अवसर पर संस्थान के संचालक डॉ. रामकुमार स्वर्णकार ने अपने विस्तृत उद्बोधन में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण शैक्षणिक वातावरण में योग अत्यंत आवश्यक है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को शांत, एकाग्र और सकारात्मक बनाता है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का व्यक्तित्व तभी प्रभावी बन सकता है, जब वह स्वयं शारीरिक और मानसिक रूप से संतुलित हो। डॉ. स्वर्णकार ने छात्राध्यापकों से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, जिससे स्मरण शक्ति, निर्णय क्षमता और कार्यकुशलता में वृद्धि हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भावी शिक्षक यदि योग को अपनाते हैं, तो वे अपने विद्यार्थियों को भी स्वस्थ जीवनशैली की प्रेरणा दे सकेंगे।

इस अवसर पर शिविर में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में योग की विभिन्न मुद्राओं, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। अभ्यास सत्र के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह एवं अनुशासन देखने को मिला। संस्थान प्रबंधन ने बताया कि यह योग शिविर संस्थान द्वारा अभिनव प्रयोग के रूप में आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य अध्ययनरत छात्राध्यापकों एवं शिक्षकों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। इस नवाचार से प्रतिभागियों को दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिलने के साथ-साथ अध्ययन एवं अध्यापन में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। शिविर के आयोजन को लेकर छात्राध्यापकों एवं शिक्षकों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।