– कोरोना कल से कई ट्रेनों का ठहराव नहीं है स्टेशन पर
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज रेलवे स्टेशन 50 साल पुराना है इस रेलवे स्टेशन पर पहले चार पांच गाड़ियां रुका करती थी जो भोपाल जाती थी और इसके उपरांत विदिशा की तरफ भी तीन चार गाड़ियां जाती थी मगर 5 साल से पहले कोरोना काल से दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराब बंद हो गया है जिस कारण दीवानगंज के आस-पास के यात्री काफी परेशानियां से गुजरना पड़ रहा है। दीवानगंज में आसपास के 40 गांव लगते हैं गांव के ग्रामीण भोपाल विदिशा जाने के लिए रेलवे स्टेशन दीवानगंज का उपयोग करते थे मगर कुछ साल से यहां पर भोपाल विदिशा की तरफ जाने वाली गाड़ियां नहीं रुकती है।
कुछ साल पहले रेलवे के जीएम से भी रेलवे स्टेशन दीवानगंज वालों ने आवेदन दिया था की विदिशा से भोपाल की तरफ गाड़ियों का स्टाफ दिया जाए। आवेदन दिए हुए लगभग 3 साल से ज्यादा समय हो गया था। उस आवेदन का आज तक कुछ हल नहीं निकला तो आज फिर मंगलवार को सेमरा, दीवानगंज अंबाडी सहित कई गांव के ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर स्टेशन मास्टर को रेलवे के डीआरएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा और कहा कि दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव किया जाए। ताकि पढ़ने वाले छात्र छात्राओं सहित शिक्षक और यात्रा करने वाले यात्रियों को भोपाल, विदिशा, गजबासौदा, कुरवाई, सहित अन्य जगह जाने की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि
विदिशा की तरफ जाने के लिए सुबह 8 बजे एक मेमू ट्रेन रेलवे स्टेशन दीवानगंज पर रूकती है वही ट्रेन लौटते समय रात 8 बजे रूकती है इसके सिवा कोई ट्रेन यहां नहीं रुकती है।
पहले दीवानगंज स्टेशन पर बिलासपुर मेमो और सटल रूकती थी लेकिन अब केवल मेमू ट्रेन रूकती है जो विदिशा की तरफ जाती है। सभी यात्री 3 किलोमीटर पैदल चलकर फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज पहुंच कर वहां से बस द्वारा भोपाल विदिशा आते जाते हैं। जिससे समय के साथ ज्यादा पैसा भी यात्रियों को बर्बाद करना पड़ रहा है। अगर दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर पहले की तरह ट्रेनों का ठहराव हो जाए तो कई यात्रियों को सुविधा मिलने लगेगी।