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सावन का पवित्र महीना और ताले में कैद भोलेनाथ,पाइप से जलाभिषेक करने मजबूर श्रद्धालु

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रायसेन से सी एल गौर, की रिपोर्ट

जिला मुख्यालय रायसेन का प्राचीन किला स्थित प्राचीन किला जो कि अपने आप में एक धरोहर है परंतु बरसों गुजरने के बाद भी रायसेनक लिए को पर्यटन स्थल का दर्जा नहीं मिल पा रहा है, यहां के नागरिकों द्वारा कई बार पर्यटन स्थल घोषित करने को लेकर कई बार आवेदन दिए निवेदन भी किया इसके पश्चात भी किले को पर्यटन का दर्जा नहीं मिला है लिहाजा अब तो लोगों ने किसी से भी कहना छोड़ दिया है जिस हालत में पूर्व में राजा इस किले को विरासत में छोड़ चले गए तबसे लेकर अभी तक कोई सुद नहीं ले रहा है, देखने भर को पुरातत्व विभाग यदा कदा इसकी रेडिंग पेंडिंग कर देता है इसके अलावा इसको संवारने की बात करे तो अपने अस्तित्व को ही धीरे धीरे खोता जा रहा है।

इसी क्रम में बात करे यहां स्थापित भगवान शिव जी का विशाल मंदिर भी है जहां लोग 12 महीने दर्शन करने के लिए आना जाना करते परन्तु मंदिर के गेट प तला लगा रहता है जो कि साल के 365 दिन अर्थात 12 महीनों में सिर्फ एक बार महाशिव रात्रि के दौरान ही मंदिर के गेट का ताला जिला प्रशासन द्वारा भक्तों के दर्शन करने के लिए खोला जाता है इसके अलावा बात करे तो फिर मंदिर को आगामी महा शिव रात्रि के लिए ही लोगो को इंतजार करना पड़ता है। धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा कईयों बार राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार से भी इस शिव मंदिर को खोलने की मांग की जा चुकी परंतु किसी ने ध्यान नहीं दिया है।फिलहाल पुरातत्व विभाग के अधीन यह प्राचीन किला स्थित प्राचीन शिव मंदिर खुलने का सभी सनातन धर्म प्रेमी इंतजार कर रहे हैं कि कब मंदिर खुले ओर हम नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा अर्चना करें।इसके लिए लोगों को कई वर्षों से इंतजार करना पड़ रहा है। पूर्व मुख्य मंत्री उमा भारती भी किले के शिव मंदिर को खोलने की मांग कर चुकी हैं इसके बाद शिव मंदिर नहीं खोला जा रहा जिससे हजारों श्रद्धालुओं में भी नाराजगी के भाव देखने में आ रहे हैं। यहां तक कि रायसेन नगर की सभी समाज का मत है कि शिव मंदिर को नियमित खुलना चाहिए इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं है,इसके बाद भी मंदिर नहीं खुलना श्रद्धालुओं के मन में अखर रहा है। परंतु भगवान भोले के दरबार में देर तो है पर अंधेर नहीं कभी तो शिव मंदिर का ताला खुलकर ही रहेगा।

लोगों का कहना है कि महा शिव रात्रि के साथ सावन माह में भी प्रति सोमवार को शिव मंदिर सुबह शाम खुलना चाहिए ताकि लोग वहां जाकर पूजा अर्चना कर सकें।कई बार रायसेन नगर में आपदाएं भी आई हैं क्योंकि कहा जाता है कि जिस नगर या गांव में भगवान को कैद रखा जाता है वहां उन्नति के सारे रस्ते बंद होने लगते हैं तो बात सही भी है कि रायसेन नगर राज धानी भोपाल के पास होते हुए भी कोई खाश उन्नति नहीं कर पा रहा है, इस बात का जीता जागता उदाहरण आपके सामने ही है।अब यह तो राज्य सरकार और केंद्र सरकार ही जाने की इस दिशा में क्या ठोस पहल कर पाती हैं या नहीं यह आगे का समय ही बताएगा, वो समय अब आने वाला तब ही सबकी निंद्रा जागेगी।

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