– मजाक बनी नल जल योजना
शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन
पीएचई विभाग की लापरवाही के चलते ग्राम पंचायत उदका के लोगों ने गर्मियों में जल संकट झेला ओर अब वर्षा में भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामवासियों को 3 किमी दूरस्थ खेतों में बने कुओं से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है।
वहीं अभी तक तहसील में करीब 30 इंच वर्षा होने के बावजूद भी जल संकट व्याप्त है। जिसका कारण नल जल योजना का कई महीनो से बंद पड़ी है , जिस पर पीएचई विभाग एवं पंचायत विभाग ध्यान दे रही है।
जनपद , पीएचई विभाग एक -दूसरे की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे है कि हमने नल जल योजना पंचायत के सुपुर्द कर दी है। अब संचालन एवं संधारण की जिम्मेवारी उन्ही की है।परेशान ग्रामीण क्या करें , उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत की लेकिन आज तक निराकरण नहीं किया गया।
अब जबकि लगातार कई दिनों से बारिश हो रही है ऐसी भारी बारिश के बावजूद लोगों को खेतों में बने कुए व ट्यूबवेल से दो से तीन किलोमीटर पैदल चलकर पानी लेकर आना मजबूरी बना हुआ है।

प्रतिदिन सुबह उठते ही मध्यम और गरीब परिवार के लोग पूरे परिवार के साथ पानी लेने के लिए खेतों की ओर नंगे पैर जाते हुए दिखाई देते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हम समस्त ग्रामीण पेयजल की समस्या से विकट स्तिथि से जूझ रहे है “हमारे यहां गर्मियों में तो पानी दो तीन किलोमीटर दूर से हम लोगों को लाना ही पड़ता है लेकिन अभी बरसात में भी हमे पीने के पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। महिलाएं बच्चे सिर पर खेप रखकर कीचड़ में से सड़क तक नंगे पैर दो किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर है,बरसात के पहले तो मोटरसाइकिल से चार कुप्पे बांधकर किसी के भी खेत के कुए से ले आते थे लेकिन अब खेत के सारे रास्ते बरसात के कारण बंद है,पीने के पानी की व्यवस्था के कारण मजदूर मजदूरी करने नही जा पा रहे हैं। माहिलाएं समय से घर का काम नही कर पा रही, पढ़ने वाले छात्र छात्राएं समय से स्कूल नही जा पा रहे हैं क्यों की एक खेप लाने में घंटे दो घंटे का समय लगता है।
ग्रामीणों में युवराज अग्रवाल , जगदीश तिवारी , लीलाधर साहू , बाबूलाल सेन , शिवप्रसाद महाराज , मनमोद पटेल , संतोष सेन , बल्लू विश्वकर्मा ,अशोक शिल्पकार , राजकुमार , भगवान दास , गोविंद , सलाक राम इत्यादि सहित दर्जनों पीड़ित लोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों , वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं पीएचई विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई है कि ग्राम पंचायत उदका के रहवासियों के लिए पीने के पानी के लिए पेयजल की शीघ्र व्यवस्था कराई जाए , बंद पड़ी नल जल योजना को शीघ्र चालू करवाया जाए। लेकिन किसी ने ध्यान नही दिया। आज ग्रामवासियों को दो से तीन किमी दूर से पानी की ढुलाई करना पड़ रही है।पीएचई विभाग ने तत्काल व्यवस्था नही की तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।