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आज से शिवालयों में गूंजेंगे – हरहर महादेव के जयकारे

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 शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन
क्षेत्र के सबसे ज्यादा सुप्रसिद्ध नीलकंठेश्वर धाम हरदौट में आज से हजारों शिवभक्तों का मेला लगेगा । वहीं नगर के गांधी बाजार में स्थित सुप्रसिद्ध बड़ा शिवालय मंदिर , झिरिया मंदिर , खिरिया नारायण दास टेकरी मंदिर, त्रिवेणी आश्रम , कोहनियां -मोहनिया शिव मंदिर सहित तहसील के पंजीकृत 95 शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ नाथ की भक्ति में लीन हजारों भक्तों की भीड़ लगेगी , हरहर महादेव की गूंज के साथ जयकारों एवं शिवलिंगों की पूजा -अर्चना एवं जगह – जगह भक्तों द्वारा हजारों शिवलिंगों की रुद्रियों का निर्माण और विशेष पूजन शुरू हो रहा है।
श्रावण का महीना और आज प्रथम सोमवार का दिन, दोनों का बहुत महत्व है।
कथावाचक पंडित कमलेशकृष्ण शास्त्री ने बताया कि श्रावण, जिसे सावन भी कहा जाता है, भगवान शिव को समर्पित महीना है।इस महीने में सोमवार का दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इसे श्रावण सोमवार के रूप में मनाया जाता है।

श्रावण मास का महत्व ,
भगवान शिव का महीना:

श्रावण को भगवान शिव का महीना माना जाता है, और इस दौरान उनकी पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। पं. कमलेश कृष्ण शास्त्री कहते हैं पुराण के अनुसार श्रावण मास की कथा समुद्र मंथन से जुड़ी है, जिसमें भगवान शिव ने विष पीकर सृष्टि को बचाया था।

भक्ति और तपस्या: –

श्रावण का महीना भक्ति और तपस्या का महीना माना जाता है, और इस दौरान भक्त भगवान शिव की कृपा पाने के लिए व्रत और पूजा करते हैं।
मनोकामनाओं की पूर्ति:
ऐसा माना जाता है कि श्रावण में सोमवार का व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
श्रावण सोमवार का महत्व ,
भगवान शिव को प्रिय: –
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है, और श्रावण में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व है।

व्रत और पूजा: –
इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।

विवाह और संतान प्राप्ति:-

अविवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत विशेष रूप से शुभ माना जाता है, और माना जाता है कि यह व्रत अच्छे पति की प्राप्ति में मदद करता है।

सुख-समृद्धि:-

श्रावण सोमवार का व्रत रखने से सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
श्रावण सोमवार व्रत विधि:
व्रत का संकल्प: –
श्रावण सोमवार का व्रत सूर्योदय से सूर्यास्त तक रखा जाता है।
पूजा:-
इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा की जाती है।
मंत्र जाप:-
शिव मंत्रों का जाप करना भी फलदायी माना जाता है।
कथा श्रवण:-
इस दिन शिव पुराण या अन्य धार्मिक ग्रंथों को सुनना भी शुभ माना जाता है।
भोजन: –
व्रत के दौरान सात्विक भोजन करना चाहिए।श्रावण मास और सोमवार का व्रत भगवान शिव की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक शुभ अवसर है।

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