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विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेष::मौखिक स्वास्थ्य: एक स्वस्थ जीवन की कुंजी : डॉ हर्ष विभोर भारती

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मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ विभाग के निर्देशानुसार विश्व ओरल हेल्थ दिवस के उपलक्ष में १० दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है ।विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल रायसेन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश खत्री और सिविल सर्जन डॉ. अनिल ओड द्वारा किया गया। डॉ हर्ष विभोर भारती ,नोडल अधिकारी, नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम जिला रायसेन द्वारा मौखिक स्वास्थ्य की महत्ता को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से शपथ ग्रहण एवं हस्ताक्षर अभियान जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिसमें बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों, मरीजों एवं नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मौखिक स्वास्थ्य क्यों है महत्वपूर्ण?
अक्सर लोग मौखिक स्वास्थ्य को केवल दांतों और मसूड़ों की सफाई तक सीमित मानते हैं, लेकिन यह पूरे शरीर की सेहत से जुड़ा हुआ है। खराब मौखिक स्वास्थ्य हृदय रोग, मधुमेह, सांस की बीमारियाँ और गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं को जन्म दे सकता है। इसीलिए नियमित दंत जांच, सही ब्रशिंग तकनीक और संतुलित आहार अपनाना बेहद आवश्यक है।

ओरल हेल्थ की अनदेखी के गंभीर परिणाम
भारत में अधिकांश लोग तभी दंत चिकित्सक के पास जाते हैं जब समस्या गंभीर हो जाती है। दांतों की सड़न, मसूड़ों में सूजन, मुंह से दुर्गंध और ओरल कैंसर जैसी समस्याएँ असंतुलित खानपान, धूम्रपान, तंबाकू सेवन और गलत जीवनशैली के कारण बढ़ती जा रही हैं। समय पर दंत चिकित्सा न कराने से ये समस्याएँ बड़ी बीमारियों का रूप ले सकती हैं।

जन-जागरूकता अभियान की अनिवार्यता
विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर शपथ ग्रहण के माध्यम से लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने दांतों और मसूड़ों की देखभाल करेंगे, नियमित रूप से दंत चिकित्सक के पास जाँच करवाएँगे और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँगे। हस्ताक्षर अभियान ने इस जागरूकता को और भी मजबूत किया, जिससे अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ सके।

कैसे रखें अपने दांत स्वस्थ?
दिन में दो बार ब्रश करें – सुबह और रात को सोने से पहले।
फ्लॉसिंग और माउथवॉश का इस्तेमाल करें – इससे दांतों के बीच फंसे कण हटते हैं।
मीठे और एसिडिक खाद्य पदार्थों से बचें – ये कैविटी और दांतों की कमजोरी का कारण बन सकते हैं।
नियमित दंत परीक्षण कराएँ – हर 6 महीने में एक बार दंत चिकित्सक के पास जाएँ।
तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहें – यह न केवल दांतों बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
समाज की जिम्मेदारी
मौखिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है। दंत चिकित्सा को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का अनिवार्य हिस्सा बनाकर ही हम स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि एक संकल्प है—स्वस्थ दांतों के साथ स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ने का। जिला अस्पताल रायसेन में हुए इस अभियान ने निश्चित रूप से एक सकारात्मक संदेश दिया है कि स्वस्थ मुस्कान ही स्वस्थ भविष्य की नींव है।

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