शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
ज्यों ज्यों गर्मी ने पैर पसारने सुरू किए हे। वैसे वैसे नदी नालों और अन्य जल स्रोत में पानी की कमी होने लगी हे।जिससे आगामी समय में पालतू पशुओं ,वन्यप्रणियो,पक्षियों के सामने पानी का संकट मंडराने लगा है। इसी समस्या से राहत दिलाने के लिए वन परिक्षेत्र बेगमगंज अंतर्गत बीट सुल्तानगंज में गुजर रही वेवस नदी पर जल संरक्षण हेतु अस्थाई बोरी बंधान का निर्माण किया गया हे।वन परिक्षेत्राधिकारी अरविंद अहिरवार द्वारा परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नालों में बोरी बंधान का कार्य व्यापक स्तर पर सुरू किया गया हे।

आगामी गर्मी के मौसम में इन बोरी बंधान से जल संरक्षण कर वन्यप्रणि एवम पालतू पशुओं को जल की सुगम उपलब्धता बनी रहेगी। परिक्षेत्र की बीट सुल्तानगंज , कोतिखोह,सुनेहरा, माबाई,महुआखेड़ा , सगोनी, उमरखो, भुरेरू,खेरी,झिरिया ,कस्बा चौका अंतर्गत बोरी बंधान हेतु वन अमला प्रयास कर रहा हे। चुकी परिक्षेत्र अंतर्गत ज्यादा तर भू भाग मैदानी , पठारी हे और कोई भी बड़ी नदिया और नाले का प्रवाह नही होने से ,मार्च अप्रैल के शुरुवात में ही जंगलों में जल स्रोत दम तोड़ते नजर आने लगते हे।जिससे पालतू जानवरों के साथ साथ वन्यप्रणियो को भी पेय जल का संकट खड़ा हो जाता हे। इसी लिए परिक्षेत्राधिकारी अरविंद अहिरवार जी के द्वारा पूरी रेंज में 20 जगह बोरी बंधान का काम सुरू किया गया हे

वन परिक्षेत्राधिकारी बेगमगंज श्री अरविंद अहिरवार द्वारा लोगो को बोरी बंधान के बारे में जागरूक करने के लिए बताया कि बोरी बंधान में खाली बोरियो में मिट्टी या रेत भरकर बांध की तरह इस्तमाल किया जाता हे। ताकि जल संचयन और मिट्टी के कटाव को रोका जा सके।
इसके लाभ=1.यह जल संचयन के लिए आसान और सस्ता तरीका हे
2=यह गांव के पास छोटे नाले पर कम खर्चे में जल्दी बनाया जा सकता हे
3= मिट्टी कटाव रोकने में बहुत ही प्रभावकारी हे
4= घरों में बेकार पड़ी खाली बोरियो को बोरी बंधान के रूप में अच्छे कार्य में उपयोग कर सकते हे
5=स्कूल कॉलेजों के युवाओं को आगे आकर गर्मी के मौसम में गांव गांव में मिशन के तौर पर बोरी बंधान बनाने में रुचि लेना चाहिए।
6= इन कामों से बच्चो के व्यक्तित्व का विकास होता है।
7= लोकल फोर वोकल को वडावा मिलता है
ग्रामीण अंचलों में छोटे छोटे नालों पर बोरी बंधान से पशु ,पक्षियों के साथ ग्रामीणों की जल की जरूरतें भी आसानी से पूर्ण होने में सहयोग करेगा