1 मार्च से छे दिवसीय श्री 1008 महामंडल विधान विश्वशान्ति महायज्ञ ,एवं मूलनायक 1008 श्री चन्द्रप्रभ भगवान महा मस्त्काभिषेक मोक्षकल्याणक महोत्सव का आयोजन
यशवन्त सराठे बरेली रायसेन
सकल दिगंबर जैन समाज के द्वारा 1 मार्च से छे दिवसीय श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान विश्वशान्ति महायज्ञ एवं मूलनायक 1008 श्री चन्द्रप्रभ भगवान महा मस्त्काभिषेक मोक्षकल्याणक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजित कार्यक्रम युगश्रेष्ठ राष्ट्रसन्त आचार्य श्री 108 विधासागर जी महाराज की वरदानी छांव में आयोजित हो रहा है ।, वहीं नवाचार्य श्री 108 समयसागर महाराज पावन आशीर्वाद प्राप्त होगा ।
समस्त कार्यक्रम विधानाचार्य बाल बृम्ह्चारी संजीव भैया कटंगी एवं बाल बृम्ह्चारी अंकित भैया भिलाई के निर्देशन में सम्पन्न होंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में महापात्र चयन- 1 मार्च को,4 मार्च को भरतचक्रवर्ती की भव्य दिग्विजययात्रा निकल गई ।निकल जाने वाली शोभायात्रा में नवीन जिनालय में प्रतिष्ठित होने वाली श्री मुनिसुव्रतनाथ, आदि प्रतिमा जी अगवानी की गई । शोभायात्रा में सबसे आगे अश्वारोहीयों के द्वारा धर्म ध्वजा फैहराई जा रह थी , इसके बाद बेंड बाजों से भजनों के साथ पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया गया , वही पाठशाला के बच्चों के साथ ही बालिका मंडल महिला मंडल कतारबद्ध चल रही थे। इसके बादच क्रवर्ति महाराज रथ ,ध्वजारोहण कर्ता रथ , बुंदेलखंड की प्रसिद्ध रमतुल्ला पार्टी के कलाकारों के द्वारा अपनी प्रस्तुति दी गई। वहीं प्रथम रथ में सवार सौधर्म इन्द्र प्रथम रथ ,सौधर्म इन्द्र द्वितीय रथ ,सौधर्म इन्द्र तृतीय रथ , सौधर्म इन्द्र चतुर्थ रथ इसी के बीच में युवाओं के द्वारा दिव्यघोषकी गर्जना की जा रही थी। इसके ठीक पीछे मस्तक पर धातु की प्रतिमा जी लिए युवामंडल के धर्मनिष्ठ साथी ,प्रतिमा जी रथ (ट्राली) ,कुबेर महाराज रथ , इन सबके पीछे पंचायत कमेटी, समाजजन बड़ी संख्या में शोभायात्रा में शामिल हुए।

जगह-जगह किया गया स्वागत —
नगर में आयोजित इस भव्य शोभायात्रा का जगह-जगह धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के द्वारा स्वागत किया गया श्रद्धालुओं के द्वारा जगह-जगह भगवान की पूजा अर्चना की गई एवं ठंडे जल की व्यवस्था की गई । शोभायात्रा पश्चात सभी समाजजनो के सामुहिक वात्सल्य भोज की व्यवस्था श्री मुनिसुव्रतनाथ जी मन्दिर प्रांगण मे रखी गई है।
आयोजित शोभायात्रा को लेकर समाज के अंकित मनाली ने बताया कि श्री 1008 समवशरण महा मण्डल विधान के दौरान 4 मार्च को यह भरत चक्रवर्ती की भव्य दिग्ग्वजय यात्रा निकल गई है जो संत भवन से प्रारंभ होकर मुनि निर्माणाधीन मुनि सुब्रत नाथ जिनालय चैनपुर रोड पहुंचीं।