मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर स्थित बरखेड़ी चौराहे पर राम जानकी मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली । कलश यात्रा राम जानकी मंदिर बैरखेड़ी चौराहे से प्रारंभ हुई जो मुख्य मार्गो से होते हुए वापस राम जानकी मंदिर पहुंची। कलश यात्रा में छोटी-छोटी कन्याएं, और महिलाओं ने अपने सर पर 51 कलश रखकर नंगे पैर कई किलोमीटर पैदल चलकर ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर पहुंची। कलर्स यात्रा में सायर ,बामोरा, खोह, पूरा, संग्रामपुर, कयामपुर, सरार सहित दो दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीण सम्मिलित हुए। बैरखेड़ी चौराहे पर स्थित राम जानकी मंदिर का शुद्धिकरण ,शिखर कलश स्थापना एवं महायज्ञ का आयोजन हो रहा है। जिसमें कथा व्यास यज्ञ आचार्य पंडित सुबोध कांत कपिल द्वारा बताया गया कि भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एक आयोजन है, जिसमें धर्म व कर्म दोनों की प्रधानता है। भागवत कथा में जीवन का सार बताया जाता है। इसमें केवल भक्ति नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला से अवगत कराया जाता है। पाप पुण्य सभी इसी धरती पर है। यह उनके कर्मों का फल है। भागवत कथा में एक-एक चीजों की व्याख्या सरलतापूर्वक है। पढ़े-लिखे लोगों से लेकर निरक्षर लोग भी समझ सकते हैं। भागवत कथा के महत्व और कथा आयोजन पर श्रद्धालु अपने विचार रख रहे थे। आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल भक्तों से बातचीत की। भागवत कथा सुनने वाले इंसान को सुख व शांति की प्राप्ति होती है। इसलिए निरंतर ही भगवान की पूजा कर और उनकी भक्ति करनी चाहिए।