सी के पारे रायसेन
धार्मिक आस्था और श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण के बीच अर्जुन नगर, रायसेन से श्रद्धालुओं का एक जत्था पावन तीर्थस्थल मथुरा-वृंदावन एवं नैमिषारण्य की यात्रा के लिए रवाना हुआ। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का उनके परिजनों एवं क्षेत्रवासियों ने फूलमालाएं पहनाकर और शुभकामनाएं देकर भावभीनी विदाई दी।
इस तीर्थयात्रा दल में श्रीमती अनीता चंद्रकांत पारे, श्रीमती निर्मला रामगणेश गौर, श्रीमती सावित्री नारायण गौर, निर्मला गौर, माया बघेल, बिट्टू, किट्टू तथा वाहन चालक लवकुश यादव शामिल हैं।
रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने भगवान का स्मरण कर सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की। विदाई के दौरान परिजनों ने फूलमालाओं से स्वागत कर सभी यात्रियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित लौटने की प्रार्थना की।
गौरतलब है कि मथुरा और वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की जन्म एवं बाल लीलाओं की पावन स्थली माने जाते हैं। यहां स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर और यमुना तट देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। वहीं नैमिषारण्य को सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र तीर्थ माना जाता है, जहां अनेक ऋषि-मुनियों ने तपस्या की थी और जहां धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है।
श्रद्धालुओं का यह जत्था विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर लगभग चार से पांच दिनों बाद रायसेन लौटेगा। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने यात्रियों की सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें उत्साहपूर्वक विदाई दी।