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द्वितीय अध्याय ‘काव्य कुंभ’::साहित्य और कला को समर्पित  गरिमामय आयोजन

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लौटकर आऊँगा फिर एक नया पैगाम लेकर,चल रहा हूँ आज अपनी माटी का सम्मान लेकर-अनुज

  सुरेंद्र जैन रायपुर

रायपुर के डुंडा, सेजबहार में आयोजित द्वितीय अध्याय ‘काव्य कुंभ’ में धरसीवाँ विधायक और छत्तीसगढ़ के सुपरस्टार पद्मश्री अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। साहित्य और कला को समर्पित इस गरिमामय आयोजन में प्रदेशभर के नामचीन कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक अनुज शर्मा द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर आयोजकों और स्थानीय नागरिकों ने विधायक श्री शर्मा का पारंपरिक रूप से आत्मीय स्वागत किया।

साहित्य समाज का दर्पण: अनुज शर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि कविता और साहित्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि ये समाज का आईना हैं। एक कवि अपनी लेखनी से समाज को दिशा देने और संस्कृति को जीवंत रखने का काम करता है। डुंडा की पावन धरा पर ‘काव्य कुंभ’ का यह आयोजन हमारी साहित्यिक विरासत को सहेजने का एक सराहनीय प्रयास है। आज इस ‘काव्य कुंभ’ के पावन मंच पर खड़े होकर मुझे अत्यंत गर्व की अनुभूति हो रही है। कुंभ का अर्थ होता है मिलन—जहाँ नदियाँ मिलती हैं, जहाँ विचार मिलते हैं, और जहाँ आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है। लेकिन इस काव्य कुंभ में आज शब्दों का, भावनाओं का और हमारी माटी की सुगंध का मिलन हो रहा है।कविता केवल शब्दों का ताना-बाना नहीं है। कविता तो वो मशाल है जो अंधकार में रास्ता दिखाती है। जब-जब समाज का हौसला डगमगाया है, कवियों की वाणी ने, उनकी लेखनी ने समाज में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।कविता केवल शब्दों का ताना-बाना नहीं है। कविता तो वो मशाल है जो अंधकार में रास्ता दिखाती है। जब-जब समाज का हौसला डगमगाया है, कवियों की वाणी ने, उनकी लेखनी ने समाज में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।आज इस काव्य कुंभ के माध्यम से जो वैचारिक क्रांति यहाँ उपस्थित युवा देख रहे हैं, उसे अपने भीतर उतरने दीजिए। यहाँ से सिर्फ तालियाँ बजाकर मत जाइए, बल्कि यहाँ से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का एक संकल्प लेकर जाइए।मैं आयोजकों को इस भव्य ‘काव्य कुंभ’ के सफल आयोजन के लिए ह्रदय से बधाई देता हूँ, जिन्होंने शब्दों के इस महापर्व को धरातल पर उतारा। और यहाँ उपस्थित तमाम युवाओं से यही कहूँगा कि उठिए, अपनी क्षमताओं को पहचानिए, अपनी संस्कृति पर गर्व कीजिए और देश के निर्माण में अपना योगदान दीजिए।

कवियों का हुआ सम्मान

काव्य कुंभ के दौरान विभिन्न विधाओं के कवियों ने देशप्रेम, हास्य-व्यंग्य, श्रृंगार और समसामयिक विषयों पर अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम के अंत में विधायक अनुज शर्मा ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले सभी कवियों और साहित्यकारों को स्मृति चिह्न और शॉल भेंटकर सम्मानित किया।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक, साहित्य प्रेमी और बड़ी संख्या में क्षेत्र की जनता उपस्थित रही।

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