ध्यान भारत के प्राण -योगाचार्य डॉ नवीन जैन
यशवंत सराठे बरेली रायसेन
सयुंक्त राष्ट्रसंघ के द्वारा द 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की है इसी घोषणा के तहत महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं द्वारा म.प्र.की समस्त जेल विभाग के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि समस्त जेलों पर जेल कर्मचारियों एवं कैदियों के लिए लधु ध्यान सत्र आयोजित करे। संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा ने स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए योग ओर ध्यान के योगदान को स्वीकार किया जो राष्ट्र के लिए गौरवान्वित करता है।

प्रथम अंतराष्ट्रीय ध्यान दिवस 21 दिसंबर को उप जेल बरेली में सहायक उप निरीक्षक विनय गढ़वाल एवं बंदीगृह के समस्त कर्मचारी गण के साथ एक सौ कैदियों को ध्यान योग कर मनाया गया।
प्रारम्भ मे राष्ट्रीय संत आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के चित्र की पूजा अर्चना कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया मुख्य अतिथि गोपाल कृष्ण बासल, पत्रकार यशवंत सराठे , राजेश जैन आदि द्वारा किया गया

योगाचार्य श्री नवीन जैन के द्वारा योग भक्ति के साथ ध्यान कराया गया ।जेल के सभी कैदियों को अच्छे आचरण अपनाने, ईश्वर में आस्था रखने ओर बुराइयों को छोड़ने का संकल्प लिया दिलाया गया।जीवन को समाज एवं देश कल्याण हेतु समर्पित करने की शिक्षा दी गयी।