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एड्स के प्रति जागरूकता रैली एवं ह्यूमन श्रृंखला से रेड रिबन बनाया

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यशवन्त सराठे बरेली रायसेन

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बरेली जिला रायसेन में एड्स जागरूकता रैली एवं ह्यूमन श्रृंखला रेड रिबन से जन सामान्य को जागरूक किया।  एड्स दिवस के अवसर पर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बरेली में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने शासकीय चिकित्सालय बरेली के सहयोग से बरेली से धौखेड़ा तक एड्स के प्रति जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बरेली के प्राचार्य डॉ नीरज दुबे, एवं एस के बक्शी, डॉ सुनील सिंह चौहान, डॉ वर्षा गौतम, नीलू यादव, संतोष कुमार वर्मा, अखिलेश खटीक तोमर, डॉ देवश्री बघमार, एन एस एस के कार्यक्रम अधिकारी, एवं रेड रिबन क्लब प्रभारी डॉ देवेंद्र अहिरवार, अखिलेश खटीक तोमर, सुरभि प्रिया, योगेश धाकड़, डॉ ए एस मेहरा, डॉ सगीर अहमद, डॉ डी एस चौहान, डॉ अन्नपूर्णा सिंह, अरुण दुबे, रुद्रपाल सिंह राजपूत, राजपाल सिंह राजपूत, सुमेर सिंह, लक्ष्मीकांत कुमरे, रघुनाथ मेहरा, तूलिका धाकड़, भारती धाकड़, नताशा सराठे, सचिन डागोर, अरविंद कुमार,शासकीय अस्पताल बरेली से आईसीटीसी अंकित शर्मा, लैब टेक्नीशियन किशोर ठाकुर रैली में शामिल हुए। रासेयो स्वयंसेवक द्वारा एड्स जागरूकता बैनर एवं जागरूकता नारे के रैली निकाली गई।
जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह चौहान ने सभी विद्यार्थीयों एड्स के प्रति जागरूक रहने को प्रेरित किया।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बरेली में एड्स पर व्याख्यान आयोजिय किया गया। मानव श्रृंखल से रेड रिबन बनाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ नीरज दुबे द्वारा की गई।
कार्यक्रम को आईसीटीसी काउंसलर अंकित शर्मा एवं किशोर ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी डॉ देवेंद्र अहिरवार ने संबोधित कर एड्स के बारे में विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी दी गई।
डॉ देवेंद्र अहिरवार द्वारा बताया गया कि एड्स(एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम) एक वायरस से फैलता है जिसेएचआईवी(ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस) कहते है। यह वायरस शरीर में रोगों का सामना करने की स्वाभाविक क्षमता को कम करता है। जब शरीर में बीमारियों से लड़ने की शक्ति नष्ट होने के कारण अनेक बीमारियां शरीर में पनप जाती हैं। इस अवस्था को एड्स कहा जाता है।एचआईवी/ एड्स संक्रमण के चार मुख्य कारण है।जिसमें पहला किसी एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने से, दूसरा एच.आई.वी संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद चढ़ाने से, तीसरा एच.आई.वी संक्रमित सुई/सीरीजों के साझे इस्तेमाल से, एवं चौथा एच.आई.वी संक्रमित गर्भवती स्त्री से उसके होने वाले बच्चे को हाने वाले कारण शामिल है।
इसकी जांच सभी शासकीय अस्पताल, चिकित्सालय, एवं कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निः शुल्क होती है। जांच रिपोर्ट गोपनीय रखी जाती है।

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