उदयपुरा रायसेन।रघुवंशी गार्डन में रामचरित मानस विद्यापीठ द्वारा आयोजित पंचम वार्षिक भव्य सत्संग कार्यक्रम में कथाकार पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश श्री अरुण जी के द्वारा दिव्य सत्संग में उक्त बाते कही गई। कार्यक्रम में 21 करोड़ रामनाम लेखन की शोभायात्रा के साथ गांव गांव मानस यात्रा के कार्यक्रम के आयोजक गण सहित प्रवक्ता गण का सम्मान भी संस्था द्वारा किया गया।

व्यास पीठ से संगीतमय रामकथा में पूर्व जिला न्यायाधीश श्री अरुण जी ने कहा की संसार के प्रत्येक व्यक्ति की सुख की कामना होती है, पर वह इसके लिए धर्ममय जीवन व्यतीत नही करता है,इसलिए लक्ष्य से दूर होकर मोह ग्रसित होकर दुखमय जीवन को प्राप्त होता है।
उन्होंने जोर देकर कहा जीवन में अधिकतर दुःख स्वभाव जनित होता है उक्त दुख की निवृत्ति केवल सत्संग या अच्छे व्यक्तियों के संग से ही होती है। मानस की चौपाइयां एवं विभिन शास्त्रों के आधार पर व्यक्त किया कि संसार की प्रत्येक उपलब्धि सुन्दर मति,यश ,संपत्ति, कल्याण कार्य एवं सुन्दर गति का आधार संसार में केवल सत्संग ही होता है ।भगवान श्रीराम ने स्वतः कहा है की भले ही नरकवास करना पड़े पर दुष्ट का संग ब्रह्मा जी कभी न दे।
श्री अरुण जी ने भगवान के भजन के बिना सारी सांसारिक उपलब्धियों के बाद भी व्यक्ति को विश्राम या शांति असंभव होना बताया। मनुष्य सहित समस्त जीवों की सेवा से परमात्मा सहित संसार के सभी लोग खुश रहते है। मनुष्य जीवन के सर्वोत्तम लक्ष्य मोक्ष को मनुष्य अपनी जानी हुई बुराइयों का त्याग करने के साथ कामना रहित सेवा करके भी प्राप्त कर सकता है।
सांसारिक व्यक्तियों के लिए रहीम एवं गोस्वामी जी के संवाद की चर्चा कर बताया “चलन चलो संसार की, हरि पर राखो टेक। तुलसी यों निभ जायेगी, दो घोडा रथ एक।।” यानी ईश्वर को याद करते हुए कर्म करने में संसार एवं परमात्मा दोनो की उपलब्धि सहज संत रैदास,कबीर ,जनाबाई की तरह हासिल हो जाती है। हजारों श्रोतागण ने संगीतमय कथा का आनंद पूरे समय मंत्रमुग्ध हो कर लिया। कथा के दौरान अत्यंत मनमोहक भजनों की प्रस्तुति श्रोताओं को पूरी तरह बांधे रही।

कार्यक्रम में रसिक पीठाधीश्वर श्री जन्मेजय शरणदास जी अयोध्या,नेपाली बाबा मट्ठी वाले दादाजी, त्यागी जी महाराज चौरास, क्षेत्रीय मानस प्रवक्ताओं के साथ पूर्व जिला न्यायाधीश जगतपति राव साहब, पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा , पूर्व विधायक देवेंद्र पटेल, सुरेश आरसे, राम जी जनपद उपाध्यक्ष, मोहन सिंह रघु, शिवनारायण मालानी, डॉ , केशव पटेल ,दीपक रघुवंशी ,डॉ राहुल रघुवंशी ,अधिवक्ता संघ अध्यक्ष राजेश कटारे, चंद्रशेखर रघु, परसोत्तम लोधी, मुकेश शर्मा, राजेश सिसोदिया ,गिरधारी जैन ,मनोज चक्रधर, गोपाल वर्मा, राम सिंह चंदेल, बृजकिशोर शर्मा,, राकेश सेठ,, प्रभाकर मेहरा, कुलदीप बिश्नोई, श्री राम रघुवंशी, वीरेंद्र पटेल, सुरेंद्र सिंह, एवं उदयपुरा , भोपाल,गाडरवारा ,पिपरिया, सिलवानी ,बाड़ी ,बरेली से भी मानस प्रेमी जन उपस्थित हुए, मानस विद्यापीठ की ओर से संत गाडसे, मानस मंडल के पदाधिकारी, नवयुवक किरार महासभा के पदाधिकारी , मानस जागृति मंडल देवरी, मानस प्रवक्ता चिंतक कवि एवं क्षेत्रीय पत्रकार गणों एवं क्षेत्र के संतों एवं मानस प्रवक्ताओं का सम्मान किया गया , कार्यक्रम का संचालन रामचरितमानस विद्यापीठ के अध्यक्ष चतुर नारायण रघुवंशी द्वारा किया गया । डॉक्टर देवेंद्र सिंह धाकड़ द्वारा कार्यक्रम में पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया ,