सुरेंद्र जैन धरसींवा
कहते हैं चंदन के वृक्षो से भुजंग लिपटे रहते हैं लेकिन ये कैसे व कौनसे भुजंग जो चंदन के पेड़ ही निगल गए और मौके पर बचे ठूंठ इस बात की गवाही दे रहे हैं कि वृक्ष थे
मामला छत्तीसगढ़ के किसी दूरस्थ अंचल के नहीं बल्कि राजधानी के धरसींवा विधानसभा भवन के समीप का है

जहां कुछ सालों पहले लगाए गए चंदन के पौधे जब वृक्ष की शक्ल लिए तो न जाने उन्हें कौनसे इंसानी भुजंग निगल गए और वन विभाग मीठी नींद में सोता रहा
विधानसभा भवन के ठीक सामने ही राज्य वन अनुसन्धान प्रशिक्षण संस्थान में बड़ी संख्या में चंदन के पौधे लगाए गए थे जो विशाल वृक्षों की शक्ल ले चुके थे लेकिन बीते कुछ दिनों में इन चंदन के वृक्षों में से कई वृक्षों को मशीनों से काटकर भुजंग रूपी चंदन तस्कर ले गए ओर वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद तक नहीं खुली

पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने उठाया मामला
पूर्ण सुरक्षित स्थान चंदन के वृक्षों की मशीनों से कटाई कर तस्करी की खबर आग की तरह गांवो में फेल गयी और जब यह खबर पूर्व जिला पंचायत सदस्य परमानन्द जांगडे को मिली तो उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री प्रधान मुख्य संरक्षक सहित जिम्मेदार अधिकारियों से की है उनका आरोप है कि लगभग सवा करोड के चंदन वृक्षों को काटकर उनकी तस्करी हुई हैं