बाल अधिकार एवं सरक्षण आयोग द्वारा बाल श्रमिको को रेस्क्यू करने का मामला,मंडीदीप की दो फैक्ट्रियों पर कठोर कार्रवाही न होने से उठे सबाल
मंडीदीप स्थित एल एम बेकर्स और जी के इलेक्ट्रिकल्स कंपनी सहित हेल्थ एन्ड सेफ्टी विभाग पर भी हो कार्रवाही
भोपाल/ रायसेन। जिले में बचपन बचाओ संस्था की शिकायत पर दो दिनों में जिले की तीन फैक्ट्रियों में बाल अधिकार एवं सरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो द्वारा की गई कार्रवाही पर ही अब सबाल उठने लगे हे। बाल अधिकार एवं सरक्षण आयोग द्वारा मंडीदीप में दो और सेहतगंज में एक फैक्ट्री पर बाल श्रमिकों को रेस्क्यू करने के बाद सेहतगंज की सोम डिस्टलरी पर तो कठोर कार्रवाही की गई लेकिन मंडीदीप स्थित एल एम बेकर्स जहां पारले जी बनाया जाता है, और जी के इलेक्ट्रिकल्स कंपनी पर भी बच्चो से बाल मजदूरी कराने के आरोप लगे और 36 बाल श्रमिक रेस्क्यू किये गये थे। लेकिन इन दो फैक्ट्रियों पर कोई ठोस कार्रवाही न होना चर्चा का विषय हे।
सबाल यह उठता हे कि जिले में स्थित फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने और वहां कि गड़बड़ियों पर नजर रखने का मुख्य रूप से जिम्मा,हेल्थ एवं सेफ्टी(स्वास्थ्य एवं सुरक्षा) विभाग का हे। साथ ही इतनी ही जबाबदेही श्रम विभाग की भी हे।यह दोनो ही विभागो को नियमित रूप से निरीक्षण की जिम्मेदारी हे। और यह दोनो ही विभाग अपनी निरीक्षण पंजी को भर कर खानापूर्ति करते रहते हे ।
अब सबाल यह हे कि जहां आबकारी विभाग और श्रम विभाग पर लापरवाही बरतने पर निलंबन की कार्रवाही तो की गई लेकिन स्वास्थ और सुरक्षा(सेफ्टी एवं हेल्थ) विभाग पर कोई कार्रवाही न किया जाना कही न कही उन्हे अभय दान देने जैसा हे।मंडीदीप की दोनो फैक्ट्रियां क्यो सील नहींकी गई उनके प्रबंधन पर अभी तक बाल श्रम कानून के तहत मामले क्यो दर्ज नही किये गये ।यह उस कार्रवाही पर प्रश्न चिह अंकित करता हे।
सोम डिस्टलरी पर की गई कार्रवाही के साथ इन दोनो एल एम बेकर्स जहां पारले जी बनाया जाता है, और जी के इलेक्ट्रिकल्स कंपनी पर भी उतनी ही कठोर और दंडात्मक कार्रवाही की जाना थी जिससे बाल श्रमिकों से मजदूरी कराने से अन्य लोग भी डरते। साथ ही हेल्थ एवं सेफ्टी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियो को कर निलंबित किया जाता तो लापरवाह विभागो पर नकेल कसती।