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राजकोट हादसा: ‘डेथ फॉर्म’ भरोगे तो मिलेगी इंट्री… गेम जोन के मालिकों ने रखी थी ये शर्त

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गुजरात के राजकोट के TRP गेम जोन में शनिवार को भीषण आग लग गई. इस हादसे में 28 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. पुलिस ने गेम जोन के मालिक सहित 6 पर एफआईआर दर्ज की है. गेम जोन के मालिक को पुलिस ने हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है. इस बीच, हादसे को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, गेम जोन के मालिक इंट्री के लिए लोगों से ‘डेथ फॉर्म’ भरवाते थे.

TRP गेम जोन में इंट्री के लिए एक फॉर्म भरवाया जाता था, जिसमें साफ लिखा होता था कि अगर कोई घायल होता है या किसी वजह से मौत हो जाती है तो प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा. अगर गेम खेलते वक्त चोट लगती है, इसकी जिम्मेदारी गेम जोन नहीं लेगा. इस फॉर्म को जो लोग भरते थे, गेम जोन के कर्मचारी बस उन्हें ही इंट्री देते थे.

सीएम ने हादसे की जांच के आदेश दिए

गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. एसआईटी की टीम हादसे की जांच करेगी. वहीं, आज सीएम ने राजकोट में एम्स और अन्य अस्पतालों का दौरा किया, जहां घायलों का इलाज चल रहा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत भी की.

इस हादसे को लेकर गेम जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी और प्रकाश जैन समेत छह लोगोें के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आईपीसी की धारा 304, 308, 337, 338 और 114 के तहत इनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. पुलिस ने युवराज सिंह सोलंकी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. गेमजोन के चार मालिक हैं, जिनमें युवराज सिंह सोलंकी, प्रकाश जैन, राहुल राठौड़, महेंद्र सिंह सोलंकी का नाम सामने आया है.

गेम जोन में आग लगने से 28 की मौत

शनिवार की शाम गेम जोन में भीषण आग लग गई. इस हादसे में 28 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 12 बच्चे हैं. हादसे की सूचना पर मौके पर तत्काल दमकल विभाग की टीम पहुंची. देर रात तक गेम जोन से लोगों का रेस्क्यू होता रहा. हादसे को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहली वजह शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है. साथ ही गेम जोन के अंदर 2000 लीटर डीजल और 1500 लीटर पेट्रोल रखे जाने की बात सामने आई है, जब आग लगी तो पेट्रोल और डीजल ने और इसे भड़का दिया.

गेम जोन में एक ही गेट से इंट्री

इस हादसे को लेकर ऐसा दावा किया जा रहा है कि गेम जोन के मालिकों ने दमकल विभाग की ओर से फायर एनओसी नहीं ली थी. साथ ही गेम जोन से बाहर निकलने के लिए कोई आपातकाल द्वार भी नहीं था. एक ही गेट था, जिससे गेम जोन में इंट्री और एग्जिट होता था.

शवों के डीएनए सैंपल गांधी नगर जांच के लिए भेजे गए

इस हादसे में शव इतने बुरी तरीके से झुलसे हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है. इसके लिए शवों के डीएनए सैंपल गांधी नगर जांच के लिए भेजे गए हैं. हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों ने दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है. मोरारी बापू ने राजकोट घटना पर दुख जताते हुए श्रद्धांजलि दी है.

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