मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज के पास स्थित देहरी गांव पर सप्त दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का प्रारंभ हो गया है। कथा के पहले दिन कलश यात्रा पूरे गांव के मुख्य मार्ग से होकर निकाली गई। इसके बाद दोपहर 1 से लेकर 5 बजे तक रोज कथा वाचक मिथिलेश पाठक द्वारा सुनाई जा रही है श्री शिव महापुराण कथा 7 दिन चलेगी।
कथा वाचक मिथिलेश द्वारा द्वितीय दिवस में भगवान शंकर करुणामय अवतार हैं। जिन्होंने इस प्रकृति का सृजन पालन संग्रहण करते हैं द्वितीय दिवस में भगवान शंकर भस्मासुर की कथा सुनाई गई भस्मासुर ने भगवान शंकर को प्रसन्न कर कर जिस पर हाथ रखे और वह भस्म हो जाए ऐसा वरदान प्राप्त किया। भूत भावन भोलेनाथ करूणा के अवतार हैं माता सती पर बुरी नजर डाली जिस भगवान विष्णु के माध्यम से भस्मासुर का भी उद्धार हुआ भूत भावन भोलेनाथ की भक्ति जो मनुष्य करता है। वह मनुष्य भवसागर से पर हो जाता है राजा दक्ष ने पद के अभियान के कारण भगवान शंकर का अपमान किया जिससे भगवान शिव ने क्रोधित होकर उसके सर को काट दिया इसलिए पद का अभिमान धन का अभिमान मनुष्य को जीवन में कभी नहीं करना चाहिए शिव चरित्र की कथा में माता सती के चरित्र का वर्णन किया कि भगवान राम की परीक्षा ले कर जिससे सती को अपने शरीर का त्याग करना पड़ा इसलिए पत्नी को चाहिए कि वह पति के हर एक बात माने भगवान शंकर की बात माता सती ने नहीं मानी और राजा दक्ष के घर यज्ञ में गई जहां भगवान शिव की निंदा के कारण उन्हें अपना शरीर त्यागना पड़ा। शंकर भगवान के कर्म में कथा का रसस्वादन सभी भक्तों ने किया कथा में बिंदु ब्राह्मण चंचल की कथाएं जिन्होंने अपने जीवन में हमेशा पाप किया फिर भी भगवान शंकर की शिव कथा श्रवण मात्र से उनका उद्धार हो गया भगवान शंकर की शिव महापुराण की कथा कल्याणकारी है जो मनुष्य भगवान शिव को भजता है भोलेनाथ भगवान शंकर उसे भव से पार कर देते हैं।
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