चित्रकूट धाम में होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ग्रीन इंडियन आर्मी संयोजक प्रियांशु धारसे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे
सतना।चित्रकूट धाम में होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ग्रीन इंडियन आर्मी संयोजक प्रियांशु धारसे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे
चित्रकूट के घाट पर भई संतों की भीड़। तुलसी दास चंदन घिसें तिलक करे रघुवीर ॥ चलो ! धामों के धाम-1 – चित्रकूट धाम जहां मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास के अनुमानतः 12 वर्ष निवास किया।
प्रियांशु धारसे ने बताया कि सनातन शोध संस्थान राम जानकी मन्दिर सुन्दर घाट-चित्रकूट धाम कर्वी (उ.प्र.) के महंत डॉ. गोविन्द नारायण त्रिपाठी वरिष्ठ कार्यकर्ता आर.एस.एस. एवं पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री- राष्ट्रीय सिख संगत एवं चित्रकूट के सभी समाजसेवी, चित्रकूट में एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने जा रहे हैं।चित्रकूट में अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन तिथि: 22 नवम्बर 2023 दिन बुधवार कामद गिरि पर्वत पहुँचने का समय 21 नवम्बर, 2023 दिन मंगलवार दोपहर तक गुप्त स्थान : रामायण मेला परिसर, चित्रकूट (उ.प्र.) इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों तथा भारत के विभिन्न प्रान्तों से प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। जिससे इस सम्मेलन को, भारत के इतिहास को एक नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम की रूपरेखा भरत मिलाप 21 नवम्बर, 2023 दिन मंगलवार 3:00 से 5:00 बजे वृक्ष रोपण अतिथियों का चित्रकूट भ्रमण 22 नवम्बर, प्रथम सत्र चित्रकूट की महिमा प्रातः 10 से 12 बजे तक दोपहर 2.00 से 6.00 बजे द्वितीय सत्र भारत का इतिहास एवं संस्कृति विशेष महत्व:- 1. विश्वभर के साधुओं और संतों की आध्यात्मिक स्थली एवं सनातन धर्म की जन्मस्थली । 2. रामचरित मानस के लेखक गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि चित्रकूट से 32 किमी दूर राजापुर में है। 3. मनोकामना पूर्ण करने वाले कामदगिरि पर्वत एवं मन्दिर, भरत मिलाप मन्दिर, लक्ष्मण पहाड़ी, हनुमान धारा, जानकी कुण्ड, स्फोटक शिला, ऋषि अत्री एवं सती अनुसुईया की तपस्थली, गुप्त गोदावरी, रामघाट, मंदाकिनी नदी एवं पयश्वनी नंदी संसार की सबसे पहली नदी जिसे सती अनुसईया ने अपने तपोबल से प्रकट किया था। 4. भगवान श्री राम के राज्याभिषेक हेतु देश की सब पवित्र नदियों से एकत्र किया जल महर्षि अत्री के परामर्श से भारत द्वारा जिस कूप में सुरक्षित किया गया, वह भरत कूप तीर्थ भी यहीं है। 5. आदि कवि महर्षि बाल्मीकि जी का आश्रम जहाँ लव-कुश पले बढ़े पास (लालापुर) में हैं। आश्रम में स्थित गुफा में श्वेत वर्ण से ओंकित ब्राह्मी लिपि भी मिल चुकी है। 6. चित्रकूट के पास रसिन स्थान पर 84 हजार देवी देवताओं की साधना स्थली है। जहां देवरहा बाबा ने कठिन तप किया था। 17. चित्रकूट के आस-पास सती अनसुइया जी के पुत्र दत्तात्रेय ऋषि मार्कंडेय ऋषि सुतीक्षण, ऋषि सरभंग और अन्य ऋषियों की तप स्थलियां दर्शन करने को मिलती है।” 8. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कर्मयोगी, वरिष्ठ प्रचारक माननीय नाना जी देशमुख के द्वारा स्थापित ‘ग्रामोदय विश्वविद्यालय’ की अभिनव योजना यहाँ की गई। दीनदयाल शोध संस्थान, आरोग्य धाम, उद्यमिता विद्यापीठ, गौशाला, वनवासी छात्रावास तथा गुरुकुल जैस प्रकल्प खड़े किए गए है। जिसके लिए नानजी जी को पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत किया गया। इन प्रकल्पों के अध्ययन के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे. अब्दुल कलाम विशेष रूप से गए। माननीय नाना जी को उपरोक्त सेवाओं के लिए वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत रत्न से अलंकृत किया।