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वरिष्ठ अध्यापक की कठपुतली बनी सिलवानी की शिक्षा व्यवस्था, सीएम राइज स्कूल में पदस्थ होने के बाद भी संभाल रहे बीईओ का चार्ज

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शासन के नियमों की अवहेलना

सिलवानी रायसेन। सीएम राईज विद्यालय में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक का इतना दबदबा है कि पूरा शिक्षा विभाग उनकी हाथ की कठपुतली बना हुआ है। शिक्षा विभाग के स्पष्ट दिशा निर्देश के बावजूद सीएम राईज विद्यालय के शिक्षक को प्रभारी ब्लाक शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। उनका कहना है कि हम तीन शिक्षा अध्यापन कार्य एवं तीन बीईओ कार्यालय का कार्य देखते है।


सीएम राईज स्कूल में उक्त शिक्षक उच्च माध्यमिक शिक्षक रसायन शास्त्र के शिक्षक के रूप में पदस्थ है। और इन्होने बताया था कि तीन दिन स्कूल में बच्चों को अध्ययन और तीन ब्लाक शिक्षा अधिकारी का कार्य देखते है। जबकि सीएम राइज स्कूल में प्रतिदिन कक्षाओं में अध्यापन कराना अनिवार्य है। फिर किस तरह यह सीएम राईज में पदस्थ होने के बाद भी ब्लाक शिक्षा अधिकारी का प्रभार रखे है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को तीन बार मोबाइल संपर्क किया गया परंतु उन्होने बार बार हाईकोर्ट में तो कभी मीटिग में होने का बहाना बनाया। और एक बार बोले कि वाटसएप में आपके प्रश्न लिखकर भेज दीजिये। जिसके जबाब भी आज तक नहीं दिये है।


सीएम राईज विद्यालय के शिक्षकों को क्या अर्हता
मुख्यमंत्री षिवराजसिंह चौहान के सपनों का सीएम राइज स्कूल के शिक्षक रसायन शास्त्र में पारंगत शिक्षक होने के बाद भी बच्चों को शिक्षा अध्ययन कराने में संकोच करते है। लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक सी.एम. राइज/पीएमक्यू/2022 /123 दिनांक 11.11.2022 में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि सी.एम. राइज विद्यालयों में स्टाफ एवं विद्यालय को अन्य परीक्षाओं एवं कार्यो से मुक्त करने के निर्देश म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग का पत्र क्र/ 928/ 1383/2022 /20-2 भोपाल दिनांक 20.05. 2022 एवं पत्र क्र. /57 /पी..एस. /2022 /20-2 भोपाल दिनांक 26.05.2022 एवं आयुक्त लोक शिक्षण का पत्र क्र/ सी.एम.राइज /2022 665-666 भोपाल दिनांक 02.06.2022 में निर्देशित किया गया है कि सी. एम. राइज विद्यालयों के स्टाफ की डयूटी बीएलओ एवं अन्य कार्यों में न लगाई जाए। अतः प्राथमिकता के आधार पर इसे सुनिश्चित कराए कि सी.एम. राइज विद्यालयों के स्टाफ की डयूटी बीएलओ इत्यादि के रूप में न लगे।

पत्र में उल्लेख किया है कि प्रदेश में सी.एम. राइज विद्यालय उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले उच्च स्तरीय विद्यालय की परिकल्पना पर प्रारंभ किए गए है। परंतु सी.एम. राइज विद्यालय के प्राचार्यों के द्वारा अवगत कराया गया है कि अभी भी उनके विद्यालय परिसर तथा स्टाफ को गैर शैक्षणिक कार्यों में निरंतर रूप से लगाया जा रहा है। यह स्थिति खेद जनक है। पूर्व में भी संदर्भित पत्रों के आधार पर इन विद्यालयों को एवं इनके स्टाफ को अन्य कार्यों एवं बाह्य परीक्षाओं से मुक्त रखने के निर्देश दिए गए थे।
नरेश रघुवंशी पूर्व में बीआरसीसी रहे है। और शोचालय एवं पानी की टंकी के निर्माण में व्यापक स्तर पर अनियमितायें बरतने पर संस्पेड किये गये थे इसके बाबजूद भी कार्यवाही करने के बजाय उन्हें प्रभारी ब्लाक शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिया गया है। वही नरेश रघुवंशी बीईओ रहते हुये घर में कोचिंग क्लास का संचालन करते थे। जिसकी मीडिया में बार बार खबरे प्रकाशित होने पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और आज भी बीईओ बने हुये है।

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