देवेंद्र तिवारी सांची रायसेन
सरकार के अंतिम क्षणों में गरीब किसान कर्मचारी अधिकारी इन दिनों विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही अपनी अपनी मांगों को पूरा कराने अपने अपने तरीके से मुख्यमंत्री तक पहुंचने की कवायद में जुटे हुए हैं । आज एक विकलांग जो टेकियो के बल चलते हुए भिंड जिले से निकला जो सांची होते हुए भोपाल मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर पूरी करने की मांग करेगा।
जानकारी के अनुसार रविन्द्र शाक्य 28 वर्षीय दोनों पांव से विकलांग टेकियो के बल भिंड जिले की अकोडा नगर परिषद से 19 सितंबर को पदयात्रा करते हुए से प्रदेश भर के विकलांगों की की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने आज नगर से गुजरा । इस भयावह गर्मी में कुछ समय के लिए नगर के बसस्टेंड पर ठहरा । जहां टीका राम कवाडी द्वारा उसको कुछ राशि भी भेंट करते हुए उसकी खान पान व्यवस्था की । इस अवसर पर उक्त पदयात्रा करने वाले विकलांग रविन्द्र ने बताया कि वह भिंड जिले से प्रदेश भर के विकलांगों की मांग को लेकर पदयात्रा कर रहा है तथा भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री से मिलेगा तथा प्रदेश भर के विकलांगों की मांग से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने मांग करेगा । उसने बताया कि हमने सभी विकलांगों से अपील की है कि वह भोपाल पहुंचे । उसने बताया कि कुछ विकलांग विभिन्न स्थानों के ऐसे भी हैं जो बिलकुल चल नहीं पाते जो वाहनों की मदद से भोपाल पहुंच रहे हैं उसने कहा कि वह दो अक्टूबर की रात में भोपाल पहुंच जायेगा तथा वहां पहुंचने वाले विकलांगों के साथ मुख्यमंत्री से मिलेगा । पदयात्री विकलांग रविन्द्र ने बताया कि वैसे तो प्रदेश के मुख्यमंत्री मामा कहे जाते हैं तथा वह सभी के लिए मदद कर रहे हैं तब हम विकलांग भी अपनी समस्या से मामा को अवगत कराते हुए पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग करेंगे इनमें प्रमुख रूप से दिव्यागो के लिए टोल फ्री नंबर की सुविधा उपलब्ध कराई जाये जिससे प्रदेश भर के विकलांग अपनी समस्या सरकार तक पहुंचा सके । जिससे सरकार समस्या का समाधान कर सके तथा आवासों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है विकलांगों के लिए भी अलग से आवास योजना चलाई जाये जिसका लाभ विकलांग उठा सकें । तथा विकलांग व्यक्तियों के आय के कोई स्त्रोत नहीं होते हैं जिससे विकलांग व्यक्तियों को मांगकर अपना जीवन यापन करने पर मजबूर होना पड़ता है जिससे शर्मिंदा होना पड़ता है विकलांगों को भी सरकार की ओर से पांच हजार रुपए मासिक पेंशन व्यवस्था की जाये जिससे दूसरों के ऊपर निर्भर न होना पड़े ।तथा एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए बसों में निशुल्क व्यवस्था जुटाई जाये जिससे आसानी से विकलांग व्यक्ति बसों में निशुल्क यात्रा कर सकें । रविन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री लगातार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं परन्तु विकलांग व्यक्तियों के लिए कोई अतिरिक्त योजना नहीं है तब हम जैसे प्रदेश भर में लाखों विकलांग व्यक्ति जिन्हें प्रकृति ने लाचार बना कर धरती पर पैदा किया है सरकार हमारी मदद करे जिससे हम दूसरों का बोझ न बन सके तथा हम भी सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकें ।