उदयपुरा रायसेन। नर्मदा, अंचल के संत नित्यानंद गिरी जी महाराज, कि सद् प्रेरणा, से क्षेत्र में चल रही सत्संग ,सेवा सुमरन, मानस यात्रा, के दीघावन, ग्राम पहुंचने पर आयोजक महेश धन ओलिया एवं ग्राम वासियों के द्वारा विद्वानों का सम्मान करते हुए शिव मंदिरों पर सत्संग सभा आयोजित की गई, धर्माधिकारी राजेंद्र शास्त्री, द्वारा लंका कांड के चल रहे प्रसंग मेघनाद यज्ञ विध्वंस, युद्ध और मेघनाथ उद्धार, कथा प्रसंग, की व्याख्या करते हुए बताया कि यदि दूसरे का अहित एवं दूषित भावना से किया गया। यज्ञ जैसे महान कार्य को भी भगवान सफल नहीं होने देते, यज्ञ में पवित्र सामग्री के सहित आत्म कल्याण के साथ सर्व कल्याण की भावना निर्धारित होना चाहिए, मेघनाथ द्वारा किए गए अपावन यझ को श्री राम के आदेश से बंदरों द्वारा नष्ट किया गया, कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता राम नरेश शास्त्री, नर्मदा प्रसाद रामायणी, सुदामा प्रसाद शास्त्री, द्वारा मधुर संगीत मय शैली में व्याख्यान प्रस्तुत किए ।

यात्रा संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता चतुर नारायण रघुवंशी ने आयोजक परिवार सहित प्रवक्ताओं एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया ।मानस ग्रंथ की मंगल आरती में भैया जी पाठक, लाल सिंह बिं डैया, घनश्याम पवैया, कुबेर सिंह ,तुलसीराम सौम्या, भगवान सिंह पटेल, सुजान सिंह, महाराज सिंह, रामबाबू पवैया, ओंकार सिंह पटेल ,बृजभूषण राय, अजय सिंह जगदीश डडोलिया, कल्याण प्रजापति, यात्रा सह प्रभारी अमर सिंह लोधी, ब्रजराज लोधी, निलेश वर्मा, रामदयाल, अखिलेश, अविनाशी, दुर्गा प्रसाद सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया ।
न्यूज सोर्स-श्री चतुरनारायण रघुवंशी उदयपुरा