–एकल परिवारों की समस्या दूर करने की व्यावसायिक पहल
शिवलाल यादव रायसेन
रंगों के पर्व होलिका उत्सव पर शहर की मिठाई दुकानों पर रेडीमेड आयटम गूजा पपड़ी सहित मिठाई की जमकर बिक्री हो रही है।शहर की मिष्ठान दुकानों पर तैयार हो रहे के होली के परंपरागत पकवान की लोगों में खासी डिमांड है।
20 से 25 हजार के व्यवसाय की उम्मीद…..
बाजार में इन मिष्ठान दुकानों पर होली त्यौहार के चलते बेसन, मैदा की पपड़ी, कसार व मावा के गुंजिया, गुलाबजामुन, मटरी मुख्य रूप से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें बीकानेर मिष्ठान व बर्फी हाउस रायसेन के संचालक हनुमंत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि गुंजिया 280 रुपए से लेकर देशी घी व मावा की गुंजिया 440 रुपए किलो, बेसन पपड़ी 320 रुपए किलो, बालू साई मैदा पपड़ी 280 रुपए किलो आदि दाम पर उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं गुलाबजामुन 300 रुपए किलो में उपलब्ध है। इस व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों के मुताबिक अभी करीब तीन मिष्ठान दुकानों पर यह पकवान तैयार होते हैं और होली पर्व पर करीब 20 से 25 हजार रुपए के व्यवसाय की संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि यह शुरूआती दौर है जबकि आगामी वर्षों में यह व्यवसाय और बेहतर रहने की उम्मीद व्यापारी जता रहे हैं।
गुजिया पपड़ी की महक घुली....
होली नजदीक आते ही जहां पलाश के पेड़ों पर टेसू फूल खिल उठे हैं।वहीं घरों में ही नहीं मिठाई की दुकानों पर भी होली के पंरपरागत पकवान गुजिया, पपड़ी और गुलाबजामुन की खुशबू महकने लगी है। शहर में एकल परिवारों की समस्या को ध्यान में रखते पिछले तीन वर्ष से कुछ मिष्ठान दकानों पर इन पकवानों तैयार करने और इनके विक्रय का कार्य शुरू और ग्राहकों की आवश्यकता को देखते हुए आगामी वर्षों में इस व्यवसाय और भी अच्छी उम्मीदें बनने लगी है।
मिष्ठान विक्रेताओं के मुताबिक शहर में अभी सिर्फ तीन पुराने मिष्ठान विक्रेता ही ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए यह कार्य कर रहे हैं।जहां इस त्योहार पर गुजिया, पपड़ी, बालू साई खुरमे खाजा, गुलाबजामुन आदि पकवान तैयार हो चुके और इनकी खरीदी भी शुरू हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि अभी इस व्यवसाय में ज्यादा उठाव नहीं ।लेकिन संतुष्टि इस बात की है कि ऐसे परिवार जो अपनी व्यस्तता या घर पर यह पकवान तैयार करने की स्थिति में नहीं रहते उन्हें त्योहार पर दुकानों पर बने हुए यह स्वादिष्ट पकवान उपलब्ध होने लगे हैं। पहले संयुक्त परिवारों में हर में बड़े बुजुर्ग रहने से होली पर्व के यह पकवान घरों में आसानी से तैयार हो जाते थे, लेकिन समय के साथ-साथ रोजगार, नौकरी व अन्य कारणों से अधिकांश घर एकल परिवारों में बदलने लगे। ऐसे में काम की व्यस्तता, सीमित परिवार और कई तरह की समस्याओं के चलते घरों में यह परंपरागत पकवान तैयार कर पाना आसान नहीं रहा है। ऐसे में ऐसे घरों में इन पकवानों की पूर्ति समय पर होने लगे इसी उद्देश्य को लेकर इस व्यवसाय की शुरुआत की गई।
100 से अधिक स्थानों पर जलेगी होली
शहर में होली की तैयारी शुरू हो चुकी है। समिति से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार सौ से ज्यादा स्थानों पर होलिका दहन होगा। शहर के प्रमुख तिराहे चौराहों सहित गलियों में होली क डांडे लग चुके हैं। होलिका दहन उत्सव समितियों द्वारा लकड़ी कंडों की व्यवस्थाएं की जाने लगी है। वहीं रंग गुलाल व पिचकारियों की खरीदी भी जारी है। मंगलवार से बाजार में त्योहारी खरीदी को लेकर रौनक और अधिक बढ़ गई है।