एक बाइक से आए तीन अज्ञात युवकों ने लगाई आग
रावण के पुतले को आग लगाकर हुए फरार
शिवकुमार साहू सिलवानी रायसेन
साईखेड़ा क्षेत्र दशहरे के पावन पर्व पर साईखेड़ा में सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं को ताक पर रखने और असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ विजयदशमी के अवसर पर विधि-विधान से होने वाले रावण दहन से ठीक पहले कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने पुतले में आग लगा दी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों और त्योहार समिति के बीच भारी रोष का माहौल बना हुआ है।
बाइक से आए और आग लगाकर भागे उपद्रवी
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के समय मैदान में दशहरे और रामलीला के समापन की तैयारियाँ चल रही थीं। पारंपरिक विधि-विधान के मुताबिक, रामलीला के ‘श्री राम’ के स्वरूप द्वारा ही मर्यादापूर्वक रावण के पुतले का दहन किया जाना तय था। लेकिन इसी बीच एक मोटरसाइकिल पर तीन अज्ञात युवक तेजी से मैदान में दाखिल हुए। उन्होंने सुरक्षा और नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए रावण के पुतले में समय से पहले ही आग लगा दी और तुरंत मौके से फरार हो गए।

धार्मिक आस्था पर चोट, लोगों में भारी गुस्सा
साईखेड़ा के निवासियों का कहना है कि दशहरे पर रावण का दहन केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का एक पवित्र प्रतीक है, जिसे पूरी तरह धार्मिक मर्यादा के साथ निभाया जाता है। इस तरह अचानक और बिना किसी विधि-विधान के पुतले को जलाना सीधे तौर पर सनातन परंपराओं का अपमान है। त्योहार के उल्लास के बीच हुई इस कायराना हरकत से आयोजन समिति और आम जनता बेहद आहत है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में तनाव और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रामलीला समिति के सदस्यों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। नागरिकों ने पुलिस से क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और बाइक सवार तीनों आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने तथा शांति भंग करने के आरोप में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।