बालमपुर में बना कौतूहल का विषय
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
कई महीनों पहले तेज हवा के दौरान बालमपुर गांव के पास एक विशाल वृक्ष जड़ों समेत जमीन से उखड़कर धराशाई हो गया था। पेड़ की जड़ें पूरी तरह जमीन से बाहर आ गई थीं और कुछ समय बाद पेड़ पूरी तरह सूख गया था। लोगों को लगा कि अब यह पेड़ कभी दोबारा हरा नहीं होगा, लेकिन बारिश शुरू होते ही पेड़ में नई जान लौट आई।
मानसून की बारिश के बाद अब यही सूखा और जमीन पर गिरा पेड़ फिर से हरा-भरा नजर आ रहा है। पेड़ की शाखाओं और टहनियों पर हरियाली दिखाई देने लगी है। जमीन से पूरी तरह बाहर आई जड़ों के बावजूद पेड़ का दोबारा हरा होना ग्रामीणों के लिए किसी कौतूहल से कम नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई महीनों से पेड़ इसी हालत में पड़ा था और पूरी तरह सूख चुका था। बारिश के बाद अचानक इसमें हरियाली लौटने से आसपास के लोगों में इसकी चर्चा होने लगी है। लोग इस प्राकृतिक बदलाव को देखने के लिए पेड़ के पास रुककर इसकी तस्वीरें भी ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पेड़ के जड़ सहित गिरने के बाद भी उसमें जीवन का बना रहना प्रकृति की अद्भुत क्षमता को दर्शाता है। बारिश के मौसम में सूखे पेड़ का फिर से हरा-भरा होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।