· भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्तवाधान में कार्यक्रम
· पंकज नाफड़े रहे विशिष्ट अतिथि
· कुल परंपरा और गुरु परंपरा पर रखे विचार
सॉंची रायसेन। बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में आज व्यास पूजन कार्यक्रम पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। भारतीय शिक्षण मंडल के मध्य भारत प्रांत के संयुक्त महामंत्री श्री पंकज नाफड़े ने मुख्य वक्ता के रूप में में कहा कि नई पीढ़ी से आत्मीयता से संवाद करना होगा और हर उस विषय पर बात करनी होगी जिस पर यह नई पीढ़ी बात करना चाहती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को संस्कारवान बनाए जाने की शिक्षा देनी होगी। श्री पंकज नाफड़े ने कहा कि युवाओं को यह महसूस होना चाहिए कि उनके माता-पिता और पिछली पीढ़ी के लोग उनका भला चाहते हैं।

श्री पंकज नाफड़े ने कुल परंपरा और गुरुपरंपरा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पिता और जेपी आंदोलन के पुरोधा जय प्रकाश नारायण के संस्कारों का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि अमेरिका में पी.एच.डी कर रहे जय प्रकाश नारायण अपनी बीमार माता की सेवा के लिए पढ़ाई छोड़कर आ गए। मात्र अपने संस्कारों और दायित्वों को ध्यान में रखते हुए।विशेष व्याख्यान में श्री पंकज नाफड़े ने कहा कि हमें ऐसा समाज तैयार करना होगा जो श्रेष्ठ भारत बनाने में अपना संपूर्ण योगदान दे सके। व्यास पूजन कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन उपकुलसचिव श्री विवेक पाण्डेय ने किया तथा मंच संचालन प्रो. नवीन मेहता ने किया। कार्यक्रम में सांची विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ-साथ उज्जैन व विदिशा के शिक्षाविद प्रो. अरूणेय और प्रो. शिखा दुबे सहित छात्रगण व अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हुए।