अब रास्ता रोककर चलाई जा रही बखर
वन भूमि पट्टों की आड़ में बड़े स्तर पर सरकारी जमीन को निशाना बना रहे दबंग
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
वन परिक्षेत्र गढ़ी के अंतर्गत कीमती वन संपदाओं को माफियाओं द्वारा नष्ट किए जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सीहोरा बीट के ग्राम मदनपुर का है, जहाँ रसूखदारों और माफियाओं द्वारा खुलेआम अतिक्रमण कर वन भूमि को खेतिहर जमीन में तब्दील किया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि इस गंभीर मामले में वन विभाग पूरी तरह कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
3 से 4 एकड़ सरकारी रास्ता रोका, ट्रैक्टर से हांक दी जमीन
स्थानीय ग्रामीण शुभम पटेल, रामस्वरूप गौर सहित अन्य ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए बताया कि बीते एक सप्ताह से ग्राम मदनपुर से रम्पुरा मार्ग जाने वाले रास्ते पर कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। माफियाओं ने न सिर्फ आम रास्ता बंद कर दिया, बल्कि लगभग 3 से 4 एकड़ वन भूमि को ट्रैक्टर से बखरकर (जोतकर) अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते 4 से 5 वर्षों के भीतर यहाँ सैकड़ों एकड़ बेशकीमती वन भूमि पर लोग अवैध कब्जा कर खेती कर रहे हैं।
पट्टे की आड़ में ‘लैंड ग्रेबिंग’ का खेल
सूत्रों की मानें तो वर्तमान में शासन स्तर पर वन भूमि पट्टे के लिए आवेदन भरवाए जा रहे हैं। नियम के मुताबिक, जो किसान 25 वर्षों या उससे अधिक समय से वन भूमि पर काबिज हैं, उन्हें पट्टे दिए जाने हैं। इसी नियम की आड़ लेकर वन माफियाओं ने बड़े स्तर पर नई वन भूमि को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में इसे पुराना कब्जा दिखाकर पट्टा हासिल किया जा सके। पूरे जिले में सबसे ज्यादा वन भूमि पर कब्जे की शिकायतें गढ़ी वन परिक्षेत्र से सामने आ रही हैं, जो वन विभाग के मैदानी अमले की कार्यप्रणाली और ‘मौन स्वीकृति’ पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
शिकायत के बाद भी नहीं पहुंचा अमला
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में हो रहे इस अवैध अतिक्रमण की जानकारी वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों को तत्काल दी गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके का मुआयना करने तक नहीं पहुंचा। अधिकारियों की इसी सुस्ती और उदासीनता से तंग आकर आखिरकार ग्रामीणों को मीडिया की शरण लेनी पड़ी।
इनका कहना है
“मामला हमारे संज्ञान में आया है और उक्त अतिक्रमण की जानकारी मिली है। जल्द ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— ओमप्रकाश उइके, डिप्टी रेंजर सीहोरा बीट